राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषय पर संसद में चर्चा रोका जाना चिंताजनक: कुमारी सैलजा

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-संसद केवल विधायी कार्य का मंच नहीं, बल्कि राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर सार्थक विमर्श का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है

-लोकतांत्रिक परंपराओं की गरिमा बनाए रखते हुए सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए

नई दिल्ली/चंडीगढ़, 3 फरवरी। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, विशेषकर चीन से जुड़े विषय पर तथ्यात्मक संदर्भ रखने से रोके जाने की घटना पर चिंता व्यक्त की है।

मीडिया को जारी एक बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर विषय पर संसद में खुली, तथ्याधारित और जिम्मेदार चर्चा लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप है। जब माननीय राष्ट्रपति अपने अभिभाषण में देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का स्पष्ट उल्लेख करती हैं, तब उसी विषय से जुड़े तथ्य प्रस्तुत करना सदन की कार्यवाही से असंबंधित कैसे माना जा सकता है, यह विचारणीय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि संसद केवल विधायी कार्य का मंच नहीं, बल्कि राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर सार्थक विमर्श का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है। विशेषकर जब विषय भारत की सीमाओं, सुरक्षा और चीन से जुड़े हालात का हो, तब संवाद को सीमित करने के बजाय प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

कुमारी सैलजा ने कहा कि नियमों का उद्देश्य संवाद को सुव्यवस्थित करना है, न कि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा को अवरुद्ध करना। लोकतांत्रिक परंपराओं की गरिमा बनाए रखते हुए सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और इसी भावना के साथ संसद में तथ्य, तर्क और जिम्मेदारी के साथ चर्चा होना आवश्यक है।

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Author: Bharat Sarathi

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