विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव रखने वाला ऐतिहासिक बजट : डॉ. अर्चना गुप्ता

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आधारभूत संरचना, सेमीकंडक्टर, एमएसएमई और रोजगार से आत्मनिर्भर भारत को नई गति : डॉ अर्चना गुप्ता

किसान, महिला, युवा और गरीब के सशक्तिकरण का स्पष्ट रोडमैप है यह बजट : डॉ गुप्ता

कांग्रेस के आरोप खोखले, हुड्डा सरकार के दौर में अस्पतालों में दवाइयों तक का अभाव था : डॉ. गुप्ता

चंडीगढ़, 2 फरवरी। भाजपा कार्यालय “मंगल कमल”, रोहतक में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी हरियाणा की प्रदेश महामंत्री डॉ. अर्चना गुप्ता ने केंद्रीय बजट को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने वाला दूरदर्शी, समावेशी और राष्ट्रनिर्माण का बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल वित्तीय आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि जन-जन की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को पूरा करने वाला स्पष्ट विजन है, जो भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगा।

प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष रणवीर ढाका, प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी शमशेर सिंह खरक, केंद्रीय बजट कार्यक्रम के जिला संयोजक डॉ. दिनेश घिलौड़, प्रदेश सचिव रेनू डाबला, पूर्व चेयरमैन प्रतिभा सुमन एवं जिला मीडिया प्रभारी पंकज भारद्वाज विशेष रूप से उपस्थित रहे।

डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि बजट में राजकोषीय अनुशासन का विशेष ध्यान रखते हुए बजट घाटा 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखा गया है, जो यह दर्शाता है कि सरकार विकास और वित्तीय संतुलन—दोनों को साथ लेकर चल रही है। लम्बी अवधि में आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर जोर देते हुए रेलवे के 7 प्रमुख कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, उद्योगों को गति मिलेगी और लाखों नए रोजगार सृजित होंगे।उन्होंने कहा कि भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सेमीकंडक्टर विकास हेतु 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान ऐतिहासिक है। इससे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण में आत्मनिर्भर बनेगा, आयात पर निर्भरता घटेगी और देश वैश्विक सप्लाई चेन का मजबूत केंद्र बनेगा। इसके साथ ही रेयर मिनरल माइनिंग और प्रोसेसिंग पर फोकस कर भविष्य की तकनीकों—ईवी, बैटरी, रक्षा और डिजिटल इंडस्ट्री—को मजबूती दी जाएगी।

डॉ. गुप्ता ने बताया कि एमएसएमई सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान छोटे उद्योगों के लिए संजीवनी साबित होगा। युवाओं को ‘कोऑपरेटिव मित्र’ बनाकर एमएसएमई से जोड़ने की पहल रोजगार सृजन के नए अवसर खोलेगी। टियर-2 और टियर-3 शहरों में उद्यमिता को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल पार्क स्थापित कर भारत को वैश्विक वस्त्र बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया जाएगा। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे। बायो-फार्मा सेक्टर में निवेश से कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती और सुलभ होंगी। देश में कैंसर की दवाइयों और फार्मा रिसर्च को बढ़ावा देकर भारत को हेल्थकेयर हब बनाया जा रहा है।
पर्यटन को रोजगार से जोड़ते हुए डॉ. गुप्ता ने कहा कि 10,000 प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड तैयार किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और भारत की सांस्कृतिक विरासत वैश्विक मंच पर और सशक्त होगी। कंटेनर निर्माण को देश में ही बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान आत्मनिर्भर लॉजिस्टिक्स की दिशा में बड़ा कदम है।

स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड में आयुर्वेदिक 3 एम्स एवं मेंटल हेल्थ संस्थान की स्थापना से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा। राखीगढ़ी जैसे ऐतिहासिक स्थलों के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान भारत की प्राचीन सभ्यता को वैश्विक पहचान देगा। भारत को डेटा हब बनाने की योजना डिजिटल इंडिया को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए डॉ. गुप्ता ने कहा कि 800 महिलाओं के लिए हॉस्टल की व्यवस्था से कामकाजी और छात्राओं को सुरक्षित वातावरण मिलेगा। यह बजट महिला, किसान, युवा और गरीब—चारों वर्गों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।
कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा पर निशाना साधते हुए डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि उनके शासनकाल में सरकारी अस्पतालों में दवाइयों तक का अभाव था। आज कांग्रेस के पास बजट पर सवाल उठाने के लिए कोई ठोस तथ्य नहीं हैं, इसलिए वे केवल निराधार आरोप लगा रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत आज गरीबों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है, जो कांग्रेस के खोखले दावों का करारा जवाब है।

अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत करते हुए विकसित भारत 2047 के संकल्प को जमीन पर उतारने वाला बजट है।

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Author: Bharat Sarathi

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