चंडीगढ़/रेवाडी, 31 जनवरी 2026 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने अहीरवाल क्षेत्र के महेंद्रगढ़ जिले सहित हरियाणा के 10–11 जिलों में हालिया ओलावृष्टि से नष्ट फसलों का विशेष गिरदावरी कराकर किसानों को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की है।
विद्रोही ने कहा कि बीते दिनों महेंद्रगढ़ सहित प्रदेश के लगभग 11 जिलों में ओलावृष्टि के कारण हजारों एकड़ में खड़ी फसलें नष्ट हो गई हैं। इसमें सरसों, गेहूं और सब्जी की फसलों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में हर वर्ष सर्दियों के दौरान ओलावृष्टि से किसानों को भारी क्षति उठानी पड़ती है। ग्लोबल वार्मिंग के चलते मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ रहा है, जिसका सीधा असर खेती पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि बीते 8–9 वर्षों से रबी फसलों को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से लगातार नुकसान हो रहा है, जिससे किसानों पर कृषि कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। भाजपा सरकार के दावों के बावजूद आज तक सभी प्रभावित किसानों को नष्ट फसलों का पूरा मुआवजा नहीं मिल पाया है।
वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बीमा कंपनियों से मिलीभगत कर सुनियोजित तरीके से किसानों को पर्याप्त मुआवजा न मिले, यह सुनिश्चित करती है। इसका परिणाम यह है कि बीमा कंपनियों का मुनाफा बढ़ रहा है, जबकि किसानों से वसूले गए बीमा प्रीमियम के अनुपात में उन्हें मुआवजा नहीं मिल पाता। उन्होंने बताया कि दक्षिणी हरियाणा के अनेक किसानों का एक से तीन वर्षों का फसल नुकसान मुआवजा आज भी बीमा कंपनियों पर बकाया है।
उन्होंने कहा कि पर्याप्त मुआवजा न मिलने के कारण प्रदेश में फसल बीमा कराने वाले किसानों का रकबा लगातार घट रहा है। विद्रोही ने मांग की कि ओलावृष्टि से नष्ट रबी फसलों का मुआवजा हर प्रभावित किसान को मिले, इसके लिए हरियाणा सरकार तत्काल विशेष गिरदावरी कराए, ताकि बीमा कंपनियां किसानों के हक का मुआवजा हड़प न सकें।







