अपराध बढ़ने की आशंका, सख्त कार्रवाई की मांग – इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह**
गुरुग्राम। शहर व आसपास के गांवों में बिना पुलिस वेरिफिकेशन रह रहे बाहरी लोगों की बढ़ती संख्या को लेकर समाजसेवी इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह (अर्जुन नगर) ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल कानून-व्यवस्था के लिए खतरा है, बल्कि भविष्य में बड़ी आपराधिक या आतंकी घटनाओं का कारण भी बन सकती है।
इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि गुरुग्राम और इससे सटे गांवों व कॉलोनियों—बुढेरा, चंदू, कालियावास, कादीपुर, बसई, सिकंदरपुर, चक्करपुर, धनवापुर, हसरु, गढ़ी सहित कई इलाकों में ऐसे लोग रह रहे हैं, जिनका कोई पुलिस रिकॉर्ड या पहचान उपलब्ध नहीं है। अपराध कर फरार होने के बाद ऐसे लोगों का सुराग लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने बताया कि मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, पीजी, किराए के मकान, गेस्ट हाउस और अन्य धार्मिक व सामाजिक स्थलों पर सेवा, साधना या काम के नाम पर लोग बिना किसी जांच के ठहर जाते हैं। बाद में इनमें से कुछ लोग आम नागरिकों को धमकाने, डराने, लूटपाट और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं, जैसा कि बड़े शहरों में पहले भी सामने आ चुका है।
इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र पहले भी कई आतंकी और संगठित अपराधों का गवाह रहा है। हर बार घटना के बाद यह तथ्य सामने आता है कि आरोपी बिना पुलिस वेरिफिकेशन के रह रहे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि कोई बड़ा हादसा हो जाता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर तीन स्तरों पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की—
- मकानमालिकों की जिम्मेदारी कि वे किसी भी व्यक्ति को किराए पर देने से पहले अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन कराएं।
- किराएदारों की जिम्मेदारी कि वे स्वयं आगे आकर अपने पहचान पत्र और दस्तावेज पुलिस के पास जमा करें तथा अपने ठहरने की अवधि की जानकारी दें।
- पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी कि वह नियमित गश्त बढ़ाए और धार्मिक स्थलों, होटलों, गेस्ट हाउस व पीजी आदि में बिना वेरिफिकेशन रह रहे लोगों पर सख्ती से कार्रवाई करे।
इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि किसी घटना के बाद जांच के दौरान केवल पछतावा रह जाता है, इसलिए बेहतर है कि समय रहते ठोस और सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने गुरुग्राम में पुलिस वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सख्ती से लागू करने की मांग करते हुए कहा कि शहर की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें की गई लापरवाही भारी पड़ सकती है।







