रेवाडी | 27 जनवरी 2026 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेद प्रकाश विद्रोही ने गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सम्मानजनक स्थान न दिए जाने पर मोदी-भाजपा-संघ सरकार की तीखी आलोचना की है। उन्होंने इसे भाजपा के सत्ता अहंकार की पराकाष्ठा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन बताया।
विद्रोही ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन दुश्मनी नहीं। सत्ता आती-जाती रहती है—आज कोई दल सत्ता में है तो कल कोई और—परंतु विपक्ष के नेताओं के साथ अपमानजनक व्यवहार करना लोकतंत्र की आत्मा के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे पावन राष्ट्रीय अवसरों पर इस प्रकार का आचरण किसी भी रूप में शोभा नहीं देता।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष के नेता राहुल गांधी के अपमान का कोई अवसर नहीं छोड़ रहे हैं। विद्रोही ने कहा कि 15 अगस्त 2024 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले पर भी राहुल गांधी को बैठने के लिए उचित स्थान नहीं दिया गया और यही व्यवहार गणतंत्र दिवस परेड 2025 में भी दोहराया गया।
वेद प्रकाश विद्रोही ने कहा कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ किया गया व्यवहार मोदी-भाजपा-संघ सरकार की छोटी और ओछी सोच को उजागर करता है, जिसने भारत के लोकतंत्र को कलंकित किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रपति भवन के एट होम कार्यक्रम में भी दोनों विपक्षी नेताओं को मुख्य टेबल पर स्थान नहीं दिया गया, जबकि लोकतंत्र में यह स्थापित परंपरा है कि सत्ताधारी पक्ष का नेतृत्व प्रधानमंत्री और पूरे विपक्ष का नेतृत्व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष करता है।
विद्रोही ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को लोकतंत्र में उचित सम्मान नहीं मिलेगा, तो इससे विश्व स्तर पर भारत के लोकतंत्र की छवि को नुकसान पहुंचेगा।
अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सत्ता के अहंकार को त्यागकर लोकतांत्रिक परंपराओं और मर्यादाओं का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि तभी दुनिया में भारत के लोकतंत्र की प्रतिष्ठा सुदृढ़ हो सकेगी।







