गुरुग्राम, 23 जनवरी। महान देशभक्त और आज़ाद हिंद फ़ौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर कादीपुर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन व शहीद यादगार मंच हरियाणा के अध्यक्ष तथा महिला शक्ति मंच के संरक्षक समाजसेवी श्रीपाल शर्मा के नेतृत्व में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अवसर पर श्रीपाल शर्मा ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस त्याग, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की जीवंत मिसाल थे। उन्होंने कहा कि आज हरेक भारतीय नेताजी को श्रद्धा और सम्मान के साथ स्मरण करता है, क्योंकि उन्हीं के संघर्ष और बलिदान की बदौलत हम आज़ादी की खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं और निर्भीक होकर अपने विचार व्यक्त कर पा रहे हैं।
श्रीपाल शर्मा ने कहा कि नेताजी का व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली था कि उनके सामने अच्छे-अच्छे झुक जाते थे। अंग्रेज़ी हुकूमत उनसे भयभीत रहती थी और यहां तक कि दुनिया में तानाशाही के प्रतीक माने जाने वाले हिटलर तक से उन्होंने भारत की आज़ादी के लिए समर्थन हासिल किया।
उन्होंने नेताजी के जीवन के अहम पड़ावों को याद करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद आईसीएस जैसी प्रतिष्ठित सेवा और कांग्रेस अध्यक्ष पद से त्यागपत्र देना, आज़ाद हिंद फ़ौज का गठन, महिला रानी झांसी रेजीमेंट की स्थापना, “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” और “जय हिंद” जैसे नारों से देश में चेतना जगाना—ये सब उनके असाधारण साहस और राष्ट्रप्रेम के प्रतीक हैं।
नेताजी की जयंती पर हर्ष विद्या केंद्र, लक्ष्मण विहार एवं कमल पब्लिक स्कूल, सरस्वती एनक्लेव में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान शहीद यादगार मंच हरियाणा की ओर से महापुरुषों की तस्वीरें स्मृति-चिन्ह के रूप में विद्यालयों को समर्पित की गईं, ताकि आने वाली पीढ़ी देश के महान नायकों से प्रेरणा ले सके।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों और समाजसेवियों ने नेताजी को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।







