गुरुग्राम सहित हरियाणा के शहरी निकायों को मिली आधुनिक तकनीक की व्यावहारिक जानकारी

गुरुग्राम, 16 जनवरी। नगर निकायों में आधुनिक एवं सतत कचरा प्रबंधन प्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एसोसिएशन ऑफ म्यूनिसिपैलिटीज़ एंड डेवलपमेंट अथॉरिटीज़ (एएमडीए) द्वारा दिल्ली स्थित ओखला टेकहंड वेस्ट-टू-एनर्जी (डब्ल्यूटीई) प्लांट का एक दिवसीय एक्सपोज़र विज़िट आयोजित किया गया। इस अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य शहरी ठोस कचरे से ऊर्जा उत्पादन की आधुनिक तकनीकों को नजदीक से समझना और उन्हें भविष्य में नगर निकायों में प्रभावी रूप से लागू करने की संभावनाओं को तलाशना रहा ।
हरियाणा व गुरुग्राम के वरिष्ठ अधिकारी रहे शामिल

इस एक्सपोज़र विज़िट में यूएलबी हरियाणा के निदेशक अशोक कुमार मीणा के साथ नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया, अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी, यश जालुका, रविन्द्र यादव, चीफ इंजीनियर विजय ढाका तथा कार्यकारी अभियंता (एसबीएम) सुंदर श्योराण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
तकनीकी प्रस्तुति से लेकर प्लांट विज़िट तक मिला व्यावहारिक अनुभव
कार्यक्रम के दौरान प्लांट ऑपरेटर द्वारा वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना पर विस्तृत तकनीकी प्रस्तुति दी गई, जिसमें कचरे की प्रोसेसिंग, सॉर्टिंग, दहन, उत्सर्जन नियंत्रण प्रणाली और उससे होने वाले ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। इसके उपरांत अधिकारियों ने गाइडेड प्लांट विज़िट के माध्यम से संपूर्ण संचालन व्यवस्था का प्रत्यक्ष अवलोकन किया तथा इंटरएक्टिव सत्र में विशेषज्ञों से प्रश्नोत्तर कर महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं ।
स्वच्छ ऊर्जा व सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

अधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि वेस्ट-टू-एनर्जी जैसी परियोजनाएं न केवल ठोस कचरा प्रबंधन की चुनौती का समाधान प्रस्तुत करती हैं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस प्रकार के एक्सपोज़र विज़िट नगर निगमों को नवीन तकनीकों को अपनाने, बेहतर योजना बनाने और शहरों को स्वच्छ व आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
भविष्य की योजनाओं को मिलेगी नई दिशा
इस अध्ययन भ्रमण से प्राप्त अनुभव और तकनीकी समझ से गुरुग्राम सहित हरियाणा के शहरी निकायों को अपने-अपने क्षेत्रों में आधुनिक कचरा प्रबंधन एवं वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी, जिससे स्वच्छ भारत मिशन और सतत विकास लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी।







