17,350 सैंपलों की जांच में सैकड़ों खाद्य पदार्थ मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक पाए गए।
पांच वर्षों में एक भी ठोस एफआईआर नहीं, मिलावटखोरों को खुला संरक्षण देने का आरोप।
चंडीगढ़, 26 दिसंबर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा में खाद्य सुरक्षा की बदहाली को लेकर भाजपा सरकार पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ताज़ा सरकारी रिपोर्ट ने साबित कर दिया है कि प्रदेश में जनता की सेहत को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है और सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है।
कुमारी सैलजा ने बताया कि प्रदेश के 22 जिलों से लिए गए 17,350 खाद्य सैंपलों में से 529 सैंपल मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक पाए गए, जो अपने आप में भयावह स्थिति को दर्शाता है। इससे भी अधिक चिंताजनक तथ्य यह है कि पिछले पांच वर्षों में खाद्य मिलावट जैसे गंभीर अपराध पर एक भी प्रभावी एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे सरकार की मंशा और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
मीडिया को जारी बयान में उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि हरियाणा में मिलावटखोरी खुलेआम फल-फूल रही है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। दूध, घी, पनीर, मावा और मिठाइयों जैसी रोज़मर्रा की आवश्यक वस्तुएं आज आम आदमी की थाली तक जहर बनकर पहुंच रही हैं। यह स्थिति सीधे-सीधे जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा सरकार ने अब तक कोई ठोस और निर्णायक कार्रवाई नहीं की।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा पहले ही गंभीर पर्यावरणीय संकट से जूझ रहा है। नदियों में बढ़ता प्रदूषण, जहरीली होती हवा से बिगड़ता स्वास्थ्य और अब मिलावटी खाद्य पदार्थ—ये सभी मिलकर प्रदेश को धीरे-धीरे बीमार बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही का खामियाजा आम नागरिक कैंसर, सांस और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों के रूप में भुगत रहा है।
कुमारी सैलजा ने दो टूक कहा कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और खाद्य सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर भाजपा सरकार की उदासीनता अब जनता की जान पर भारी पड़ रही है। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, नियमित और पारदर्शी जांच व्यवस्था लागू हो तथा मिलावटखोरों को संरक्षण देने वालों को सार्वजनिक रूप से बेनकाब किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी जनता की सेहत से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी और इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक पूरी ताकत से उठाया जाएगा।







