जातिगत राजनीति पर भाजपा की दोहरी नीति: वेदप्रकाश विद्रोही

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चंडीगढ़/गुरुग्राम,रेवाड़ी, 16 फरवरी 2025 – स्वयंसेवी संस्था ‘ग्रामीण भारत’ के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने भाजपा पर जातिवाद को बढ़ावा देने और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा अन्य दलों को जातिवादी बताकर आलोचना करती है, लेकिन खुद लोकसभा, विधानसभा चुनावों और केंद्रीय मंत्रीमंडल में जाति का खुलकर उल्लेख करती है।

भाजपा की सूची में जाति का उल्लेख

विद्रोही ने कहा कि हरियाणा नगर निकाय चुनावों में भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करते समय उनकी जाति का उल्लेख किया है। यह भाजपा के दोहरे चरित्र को उजागर करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जाति का उल्लेख करना और जातिगत जनगणना से समाज टूटता है, तो भाजपा खुद अपनी सूची में जातीय आधार पर उम्मीदवारों का चयन क्यों करती है?

‘हरिजन’ शब्द के प्रयोग पर उठे सवाल

विद्रोही ने भाजपा द्वारा ‘हरिजन’ शब्द के उपयोग पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कानूनन यह शब्द प्रतिबंधित है और इसे अनुसूचित जाति के व्यक्ति के लिए कहना अपराध की श्रेणी में आता है। फिर भी भाजपा ने अपनी सूची में इस शब्द का उपयोग किया है। उन्होंने मांग की कि हरियाणा पुलिस भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली और प्रदेश भाजपा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करे।

भाजपा की कथनी और करनी में अंतर

विद्रोही ने आरोप लगाया कि भाजपा जातिगत जनगणना का विरोध करती है, लेकिन चुनावों में जाति के आधार पर वोट मांगती है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा का दोहरा चरित्र और अनैतिकता दर्शाता है।

जनता से सावधान रहने की अपील

विद्रोही ने देश और प्रदेश की जनता से अपील की कि वे भाजपा और संघ के असली चेहरे को पहचानें। उन्होंने कहा कि भाजपा पिछड़ा, दलित, आदिवासी और वंचित वर्ग के खिलाफ नीतियां अपनाती है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे भाजपा के बहकावे में न आएं और अपनी भावी पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित रखें।

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Author: Bharat Sarathi

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