केंद्रीय वित्तीय कैबिनेट ने नए आयकर अधिनियम 2025 (डायरेक्ट टैक्स कोड 2025) को मंजूरी दी ………

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नए बिल में संभावित कुछ ऐसे प्रावधान प्रस्तावित है जो कार्यकारी आदेशों के माध्यम से कटौती या छूट की सीमा और राशियों को बदलने की अनुमति देंगे

-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी

7 फरवरी 2025 को केंद्रीय वित्तीय कैबिनेट ने नए आयकर अधिनियम 2025 (डायरेक्ट टैक्स कोड 2025) को मंजूरी दी, जिसे अब संसद में पेश किया जाएगा। यह नया बिल छह दशकों पुराने आयकर अधिनियम 1961 का स्थान लेगा और इसे वित्त पर बनी संसदीय स्थायी समिति के पास भेजे जाने की संभावना है। इस बिल में कुछ ऐसे प्रावधान प्रस्तावित हैं जो कार्यकारी आदेशों के माध्यम से कटौती या छूट की सीमा और राशियों को बदलने की अनुमति देंगे।आर्थिक दृष्टिकोण से, किसी भी देश के विकास के लिए वित्त एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बजट के माध्यम से वित्तीय संसाधनों का आवंटन किया जाता है, जिससे किसी देश की विकास दिशा तय होती है। 1 फरवरी 2025 को प्रस्तुत किए गए बजट में यह घोषणा की गई थी कि एक सप्ताह के भीतर नया आयकर अधिनियम 2025 लाया जाएगा। इसके बाद, केंद्रीय वित्तीय कैबिनेट ने इस पर अपनी मुहर लगाई, जिससे यह नया बिल संसद में पेश किया जाएगा।

नए आयकर अधिनियम 2025 की प्रमुख विशेषताएँ
नया बिल आयकर के वर्तमान जटिल नियमों को सरल बनाने का प्रयास करेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य डायरेक्ट टैक्स कानून को सरल बनाना है, जिससे मुकदमेबाजी में कमी आएगी और विवादित टैक्स डिमांड में भी गिरावट आएगी। यह नए बिल में संशोधन किए गए हैं, जिनसे पुराने, अब अप्रासंगिक प्रावधानों और कठिन वाक्यांशों को हटा दिया गया है। इसके अलावा, इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि आम लोग भी इसे बिना टैक्स विशेषज्ञ की मदद के समझ सकें।यह भी ध्यान में रखा गया है कि इस बिल में आयकर स्लैब में कोई परिवर्तन नहीं होगा, क्योंकि आयकर स्लैब में बदलाव आम तौर पर वित्त अधिनियम के माध्यम से किया जाता है। इस बिल का मुख्य उद्देश्य अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाना और टैक्स संबंधित मुकदमों की संख्या में कमी लाना है।

केंद्रीय बैंक (RBI) की रेपो रेट में कमी और उसका प्रभाव
भारत की अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 7 फरवरी 2025 को रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कमी कर इसे 6.25 प्रतिशत कर दिया। इससे उपभोक्ताओं को मकान, वाहन और अन्य कर्जों पर EMI की दर में कमी आने की उम्मीद है, जिससे घरेलू खपत में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन अगले वित्तीय वर्ष में इन्हें घटाने की संभावना जताई जा रही है।

समाज सेवा में बड़ा योगदान
वहीं, एक बड़े उद्योग समूह ने हाल ही में अपने छोटे बेटे की शादी को साधारण रूप से आयोजित किया और 10,000 करोड़ रुपये का दान दिया। इस दान का बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास में खर्च किया जाएगा। यह प्रयास समाज के सभी वर्गों को किफायती विश्वस्तरीय अस्पतालों, स्कूलों और कौशल विकास केंद्रों तक पहुंच प्रदान करने के लिए किया जा रहा है।

निष्कर्ष
केंद्रीय वित्तीय कैबिनेट ने जो नए आयकर अधिनियम 2025 (डायरेक्ट टैक्स कोड 2025) को मंजूरी दी है, उससे देश में टैक्स व्यवस्था को सरल और प्रभावी बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस बिल के लागू होने से आयकर से जुड़े मुद्दों में पारदर्शिता और आसानी आएगी, जिससे आम लोगों और व्यवसायों के लिए अनुपालन प्रक्रिया और भी सहज हो जाएगी।साथ ही, अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए किए गए अन्य उपाय जैसे रेपो रेट में कमी और समाज सेवा में बड़े दान भी देश के विकास के दृष्टिकोण को और मजबूत करेंगे।

लेखक:-संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

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Author: Bharat Sarathi

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