भारत सारथी/ऋषि प्रकाश कौशिक

गुरुग्राम। केंद्र सरकार की ओर से आए निर्देशानुसार भाजपा ने 8 नवंबर पर मुख्यमंत्री आवास पर सदस्यता अभियान की शुरूआत की और लक्ष्य रखा 50 लाख सदस्य बनाने का। लग तो तभी रहा था कि यह लक्ष्य असंभव है, क्योंकि भाजपा को विधानसभा चुनाव में लगभग 39 लाख मत प्राप्त हुए थे, जिसमें सरकारी कर्मचारी भी शामिल थी जिनकी संख्या भी अनुमानत: 4-5 लाख तो होगी ही। ऐसे में 50 लाख का लक्ष्य दूभर लग रहा था।
भाजपा का सदस्यता अभियान 8 नवंबर को आरंभ हुआ था और इसकी समय सीमा 30 नवंबर तक रखी थी। अर्थात आज उसकी समय सीमा समाप्त हो गई। यद्यपि एक बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पं. मोहन लाल बडोली ने इसे 3 दिन और बढ़ाने की बात भी कही है लेकिन अभी वह कागजों पर नहीं आई है।
भाजपा ने 23 और 24 नवंबर को 20 लाख सदस्य बनाने का निर्णय लिया था ऐसा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि अब तक 12 लाख सदस्य बन चुके हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक भाजपा 25 लाख का आंकड़ा छू नहीं पाई है। उनकी सदस्य संख्या शायद लगभग 22-23 लाख के आसपास है। ऐसे में याद आता है कि जब सुभाष बराला प्रदेश अध्यक्ष थे तो वह अपनी सदस्य संख्या 35 लाख के आसपास बताया करते थे।
भाजपा का कोई भी पदाधिकारी इस बारे में कोई वक्तव्य देने को तैयार नहीं है। मेरे कई दिनों के प्रयास के बाद आज भाजपा गुरुग्राम के जिला अध्यक्ष कमल यादव से फोन पर बात हुई तो उन्होंने बताया कि अभी तक डेढ़ लाख के लगभग सदस्य जिले में बने हैं। जब उनसे पूछा कि आपका लक्ष्य तो आपने 5 लाख तय किया था तो उनका कथन था कि 5 लाख नहीं 4.5 लाख। फिर उनसे पूछा कि यह सदस्यता अभियान कब तक चलेगा तो उनका उत्तर था कि एक माह तो और चलेगा ही, अधिक भी हो सकता है और इतना कह उन्होंने फोन काट दिया।
इस प्रकार उपरोक्त बातों पर नजर डालें तो लगता है कि भाजपा हाईकमान द्वारा दिया गया यह लक्ष्य हरियाणा भाजपा के लिए गले की फांस बन गया, क्योंकि देखने में यह भी आया कि यह लक्ष्य के आसपास भी नहीं पहुंचे, जबकि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, प्रदेश अध्यक्ष और संपूर्ण भाजपा प्रयासरत रही। अब आने वाले समय के गर्भ में है कि यह लक्ष्य प्राप्त न होने के कारण भाजपा हाईकमान हरियाणा हाईकमान को माफ करेगी या सजा देगी और सजा देगी तो किसको और क्या? समय बताएगा।