राष्ट्रीय पर्व का शुभ अवसर हमारे लिए आत्मनिरीक्षण का अवसरः प्रो. सोमनाथ।
जादी के अमृत महोत्सव के तहत् स्वतंत्रता दिवस समारोह कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में पूरे जोश व उत्साह के साथ मनाया गया।

वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक

कुरुक्षेत्र, 16 अगस्त : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.सोमनाथ सचदेवा ने आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद्गीता सदन में राष्ट्रीय ध्वजारोहण किया व एनसीसी परेड की सलामी लेकर शहीदों को नमन किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के संगीत एवं नृत्य विभाग, आईआईएचएस व यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने स्वतंत्रता दिवस की बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें तिरंगे को आन, बान और शान के साथ फहराते हुए देखना बहुत सुखद लगता है। आजादी के अमृत महोत्सव में जब बहुत हर्ष उल्लास से हम अपना राष्ट्रीय पर्व मना रहे हैं तो हमें याद आती है हमारे उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों की, महात्मा गांधी जी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, अशफाक उल्लाह खान, सुभाष चन्द्र बोस, वीर सावरकर, बाबा भीम राव अम्बेडकर एवं ऐसे अनगणित ज्ञात व अज्ञात वीरों की, महापुरुषों की, जिन्होंने आजादी के लिए अनेकोनेक त्याग व बलिदान दिए। हमें हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि यह स्वतंत्रता हमें आसानी से नहीं मिली हमारे वीरों ने, वीर सपूतों ने, हमारे महापुरुषों ने अपना सर्वस्व बलिदान किया व अपने प्राण तक न्योछावर किए हैं।

कुलपति प्रो. सोमनाथ ने सभी स्वतंत्रता सेनानियों व वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की व उन्हें नमन करते हुए कहा कि आज का दिन हमें अपने वीर सैनिकों की भी याद दिलाता है जो विषम परिस्थितियों की परवाह न करते हुए हमारी सीमाओं पर डटे रहकर देश की रक्षा करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि हम अपने घरों में आराम एवं सुखचैन से रह सकें।

कुलपति प्रो. सोमनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय पर्व का शुभ अवसर हमारे लिए आत्मनिरीक्षण का अवसर भी है। कृषि क्षेत्र से लेकर अंतरिक्ष विज्ञान तक हमारी उपलब्धियां बहुत सराहनीय है। आज विश्व के ताकतवर देशों में अमेरिका, चीन और जापान के बाद भारत चौथें स्थान पर है। एक ही उड़ान में प्रक्षेपित किए गए कई सारे उपग्रहों एवं मंगलयान और चंद्रयान मिशन ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत के प्रभाव को बढ़ाया है। 3 ट्रिलियन यूएस डालर से भी ज्यादा की अर्थव्यवस्था के साथ हम दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत की जीडीपी वृद्धिदर भी विश्व में सर्वाधिक रही है। अनुमान है कि 2030 तक भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यस्था बन जाएगा। आज हमारे पास हमारे युवाओं की सफलता स्वरूप बहुत बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स व यूनिकार्न उपलब्ध हैं। हमारे युवा आज देश विदेश की नामी कम्पनी के सीईओ बनकर अपनी सफलता का परचम लहरा रहे हैं। इन सभी उपलब्धियों के लिए हमारे जवान, किसान, वैज्ञानिक, शिक्षक, एंटरप्रेन्योर व उन सभी लोगों का योगदान हैं जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन, सत्यनिष्ठा व ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है।

कुलपति प्रो. सोमनाथ ने कहा कि इन सब उपलब्धियों के बाद भी आज भी देश में लगभग 10 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। आने वाले समय में देश को गरीबी मुक्त एवं पूर्ण रोजगार से युक्त बनाना ही हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 15 से 30 वर्ष की आयु के 37 करोड़ युवाओं के साथ भारत आज विश्व का सबसे युवा देश है एवं यह हमारी सबसे बड़ी ताकत भी है। इन युवाओं को उद्यमिता व स्वरोजगार के लिए तैयार करके हम गरीबी मुक्त भारत व सम्पूर्ण रोजगार युक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। हमें ऐसा युवा तैयार करने हैं जो जॉब सीकर न होकर जोब प्रोवाईडर हों। इस कार्य में हमारे शिक्षकों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 भी हमें इसी के लिए प्रेरित करती है जिसमें स्किल एनहांसमेंट कोर्सिज, वोकेशनल कोर्सिज, इंटर्नशिप के माध्यम से रोजगार परक शिक्षा देने की बात निहित है। अभी 2023-24 के शैक्षणिक सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को हमारे विश्वविद्यालय ने अपने सम्बन्धित सभी कॉलेजों में लगा दिया गया। इसके साथ ही केयू एनईपी को इसके सभी प्रावधानों के साथ लागू करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है।

एनईपी-2020 के उद्देश्यों के मद्देनजर केयू ने 19 ऑनलाईन प्रोग्राम शुरू किए हैं। इनमें 9 यूजी व पीजी प्रोग्राम हैं जिनमें बीए, बीकॉम, बीबीए, एम मास कम्युनिकेशन, एमकाम, एमए अंग्रेजी, एम पॉलिटिकल साइंस, एमबीए व एमसीए शामिल हैं। 7 डिप्लोमा व सर्टिफिकेट लेवल के लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के प्रोग्राम हैं जिनमें साइबर सिक्योरिटी, एआई, मशीन लर्निंग, डाटा एनालिटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन मैनेजमेंट आदि शामिल हैं। इसके साथ ही जर्मन, जैपनिज़ व फ्रैंच के तीन लैंग्वेज सर्टिफिकेट प्रोग्राम्स पूर्णतया एट जीरो कोस्ट एट यूनिवर्सिटी बेस पर शुरू किए गए हैं। एनईपी के तहत् ग्रोस एनरोल को बढ़ाने में मदद मिलेगी जिससे विश्वविद्यालय को आर्थिक रूप से लाभ होगा। इसके साथ ही यूआईईटी में इसी सत्र से दो नए बीटैक प्रोग्राम शुरू किए गए हैं। पिछले वर्ष 26 पेटेंट फाईल करके हमारा विश्वविद्यालय हरियाणा की स्टेट यूनिवर्सिटीज़ में पहले स्थान पर रहा है। पिछले साल 5 कैटेगरी में शिक्षकों को बेस्ट रिसर्च अवार्ड व 130 शिक्षकों को केयू एपलोज पालिसी के तहत् मेडल व सर्टिफिकेट देकर पुरस्कृत किया गया है।

कुलपति प्रो. सचदेवा ने कहा कि पिछले वर्ष माका ट्रॉफी में लगभग 1000 विश्वविद्यालयों में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने तीसरा स्थान हासिल कर प्रदेश को गौरान्वित किया। वहीं खेलो इंडिया में पूरे भारत में विश्वविद्यालय ने छठा स्थान प्राप्त कर खेलों के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता का परिचय दिया। बैंगलोर में आयोजित 36 वें राष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव में गवर्नमेंट यूनिवर्सिटीज में देशभर में केयू ने पहला स्थान हासिल कर इतिहास रचा है जबकि ओवरआल चौथा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने केयू के 33वें दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों, अधिकारियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों द्वारा एकता का परिचय देते हुए सहभागिता करने पर बधाई दी।

कुलपति प्रो. सोमनाथ ने कहा कि आने वाले समय में केयू में खेल छात्रावास बनकर तैयार है वहीं हॉकी सिंथेटिक खेल मैदान का कार्य भी जोरों पर है। केयू एलुमनी एसोसिएशन के द्वारा विद्यार्थियों एवं सामाजिक कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। कार्य में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता हेतु ई-गवर्नेंस के लिए केयू में आईयूएमएस प्रणाली को लगाया जा रहा है जिससे विद्यार्थियों की सभी प्रकार की समस्याओं को दूर किया जा रहा है तथा इसके क्रियान्वयन में सभी शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों का सहयोग अपेक्षित है।

कुवि कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ ने राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिए गए स्वर्णिम भारत के पांच प्रणों को पूरा करने का संकल्प दोहराते हुए 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने, गुलामी की सोच से मुक्ति पाने, समृद्ध भारतीय संस्कृति व विरासत पर गर्व करने, विविधता में एकता की शक्ति का आदर करने तथा सत्यनिष्ठा के साथ अपने कर्तव्य के निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस समारोह में केयू के एनसीसी एवं यूथ रेड क्रॉस के वॉलंटियर्स को विशेष रूप से बधाई दी। मंच का संचालन युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने किया।

इस मौके पर डॉ. ममता सचदेवा, कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. अनिल वशिष्ठ, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. शुचिस्मिता, प्रो. अनिल वोहरा, प्रो. ब्रजेश साहनी, डॉ. डीएस राणा, प्रो. सुनील ढींगरा, प्रो. प्रीति जैन, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. दिनेश कुमार, प्रो. अनिल गुप्ता, प्रो. परमेश कुमार, प्रो. नीरा राघव, प्रो. संजीव गुप्ता, प्रो. राम विरंजन, कुटा प्रधान डॉ. आनंद कुमार, प्रो. बिन्दू शर्मा, प्रो. नरेन्द्र सिंह, प्रो. ओमबीर सिंह, डॉ. महाबीर रंगा, लोक सम्पर्क विभाग के उप-निदेशक डॉ. दीपक राय बब्बर, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. नरेश कुमार, डॉ. सुनील वत्स, डॉ. मनोज जोशी, डॉ. हुकम सिंह, डॉ. अंकेश्वर प्रकाश, डॉ. कुसुम लता, डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता, डॉ. निरूपमा भट्टी, डॉ. अनीता भटनागर, डॉ. जसबीर ढांडा, डॉ. कृष्णा अग्रवाल, डॉ. आरती श्योकंद, डॉ. जितेन्द्र खटकड़, डॉ. वीरेन्द्र पाल, डॉ. अजय जांगड़ा, डॉ. रितु सैनी, डॉ. मिनाक्षी सुहाग, डॉ. सोमबीर जाखड़, डॉ. योगेश कुमार, डॉ. सुनील ढींगरा, डॉ. आनन्द दुबे, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. आरके सिरोही, डॉ. लता खेड़ा, डॉ. आशीष प्रसाद, डॉ. गुरचरण सिंह, डॉ. राजेश सोबती, डॉ. जसविन्द्र, डॉ. रामचन्द्र, प्राचार्य डॉ. सुखविन्दर सिंह, सहायक कुलसचिव डॉ. जितेन्द्र जांगड़ा, एक्सईएन राजपाल, डॉ. हरविन्द्र राणा, डॉ. जीत सिंह शेर, मनीष खुराना, अनिल लोहट, रूपेश खन्ना, संत कुमार, रजवंत कौर, सुरेन्द्र राणा, सहित डीन, निदेशक, विभिन्न विभागों के चेयरपर्सन, शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद थे।

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