मानेसर में जमीन के मामले को लेकर 189 दिन से धरना जारी

जमीन के मामले को लेकर राष्ट्रपति पीएम सीएम तक फरियाद

एक ही मांग जमीन अधिग्रहण मुक्त हो या 15 करोड़ मुआवजा

राज्यपाल मलिक ने कहा पीएम, कृषि मंत्री गृहमंत्री को लिखेंगे पत्र

फतह सिंह उजाला
मानेसर/पटौदी। 
मिजोरम सहित विभिन्न पांच राज्यों के राज्यपाल के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके राज्यपाल सत्यपाल मलिक मंगलवार को अचानक मानेसर में 18 10 एकड़ जमीन के मामले को लेकर आंदोलनरत किसानों के बीच पहुंचे । यहां पहुंच कर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किसानों की सभी समस्याओं और बातों को विस्तार सहित गंभीरतापूर्वक सुना । गौरतलब है कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक किसान आंदोलन से लेकर हालिया समय तक किसान और कृषि हित को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर केंद्र सरकार की नीति और नीतियों पर सवाल उठाते आ रहे हैं ? किसान आंदोलन का भी उनके द्वारा दिल खोल कर समर्थन किया गया।

किसान और किसानी के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार सहित केंद्रीय कृषि मंत्री को लेकर भी उनके द्वारा कई चौकानेवाले बयान देकर केंद्र सरकार सहित केंद्रीय कृषि मंत्री व राज्य सरकारों के लिए कहीं ना कहीं घेरे में लाकर खड़ा किया जा चुका है । मंगलवार को जमीन बचाओ-किसान बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले मानेसर तहसील के सामने किसानों के द्वारा जारी धरना प्रदर्शन स्थल पर ही राज्यपाल सत्यपाल मलिक बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक ही पहुंच गए । इस प्रकार राज्यपाल सत्यपाल मलिक को अपने बीच देखकर आंदोलनरत किसानों में जहां उनकी हिम्मत बढ़ी , वही एक संबल भी मिल गया जो किसानों की मांग को मजबूती से राज्य सहित केंद्र सरकार और पीएम तथा केंद्रीय कृषि मंत्री तक पहुंचाने की ताकत भी रखता है ।

प्रभावित किसानों के द्वारा बताया गया कि मानेसर क्षेत्र की 1810 एकड़ जमीन सरकार के द्वारा कौड़ियों के भाव जबरन अधिग्रहण की जा रही है। इसके बदले में जो मुआवजा दिया जा रहा है , उसमें 100 गज का प्लाट खरीदना भी जरूरतमंद के लिए संभव नहीं है । किसानों का जमीन को अधिग्रहण के दायरे से मुक्त करने या फिर जमीन का 15 करोड रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग को लेकर बीते 189 दिनों से गर्मी सर्दी आंधी तूफान हड्डियां जमा देने वाली सर्दी में अनवर धरना प्रदर्शन जारी है। इस दौरान अपनी मांगों को मनवाने के लिए राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री को भी प्रभावित किसानों के द्वारा ज्ञापन सोते जा चुके हैं, लेकिन हरियाणा सरकार और एचएसआईडीसी इस जमीन को लेकर पूरी तरह से अपना अइडियल रवैया अपनाए हुए हैं । अनेकों बार बातचीत के लिए किसान बचाओ जमीन बचाओ संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित कर बातचीत भी की जा चुकी , लेकिन परिणाम वही ढाक के तीन पात ही सामने निकल कर आ रहे हैं । इस मौके पर पीड़ित और प्रभावित किसानों की सुध लेने के लिए पहुंचे राज्यपाल सत्यपाल मलिक को किसान बचाओ जमीन बचाओ संघर्ष समिति के उपप्रधान सत्यदेव शर्मा ने बीते करीब 190 दिन के हर घटनाक्रम के विषय में विस्तार से जानकारी देते हुए अभी तक जो कुछ भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई , उसके विषय में विस्तार से जानकारी भी दी । इस मौके पर इमरत पहलवान, धर्मवीर ,पार्षद मुकेश जांगड़ा, कंवरपाल धूलिया, ईश्वर पंडित ,संजय पंडित ,राजवीर यादव ,रामकिशन यादव, रामपाल यादव ,धनखड़, राम अवतार यादव, नैनवाल सहित अनेक किसान मौजूद रहे।

प्रभावित और पीड़ित किसानों की बातें सुनने के बाद राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने आंदोलनरत किसानों को आश्वासन दिलाया कि जमीन जब किसान की है , तो सरकार जमीन को जबरदस्ती अधिग्रहण नहीं कर सकती । ऐसे में राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किसान बचाओ जमीन बचाओ संघर्ष समिति को भरोसा दिलाया कि मानेसर की इस बेहद कीमती जमीन 18 10 एकड़ के मुद्दे को लेकर वह देश के पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमत्री अमित शाह और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर , तीनों को पत्र लिखकर किसान हित में कोई ना कोई ऐसा फैसला करने के लिए कहेंगे, जिससे कि किसानों का किसी भी प्रकार से अहित नहीं होने पाए। यहां पहुंचने पर किसान बचाओ जमीन बचाओ संघर्ष समिति के किसानों सहित अन्य लोगों के द्वारा राज्यपाल सत्यपाल मलिक का आभार व्यक्त किया गया।

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