भाजपा के पटौदी, कैथल, बवानी खेडा, होडल के विधायकों व जजपा के नारनौंद विधायक ने सरकार को अपने-अपने इलाकों में खराब सडकों को लेकर घेरा : विद्रोही

12 अगस्त 2022 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र में भाजपा-जजपा खट्टर सरकार अवैध खनन, टूटी सड़के, खराब शिक्षा, बिगडी कानून व्यवस्था, बेरोजगारी व स्वास्थ्य ढांचे पर ना केवल बेनकाब हो गई अपितु भाजपा-जजपा विधायकों ने इस संदर्भ में सरकार के दावों की पोल भी विधानसभा में खोलकर खुद ही साबित कर दिया कि कांग्रेस द्वारा इस मामले में लगाये गए आरोप सत्य व तथ्यों पर आधारित है।

विद्रोही ने कहा कि भाजपा विधायक अभय सिंह यादव ने खुद अपने निर्वाचन क्षेत्र नांगल चौधरी में अवैध खनन का मामला उठाया, वहीं कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश में पत्थर, रेत, बजरी के अवैध खनन के मामले तथ्यों के साथ रखकर सरकार को बेनकाब किया। भाजपा के पटौदी, कैथल, बवानी खेडा, होडल के विधायकों व जजपा के नारनौंद विधायक ने सरकार को अपने-अपने इलाकों में खराब सडकों को लेकर घेरा। पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरावता ने विधानसभा में यहां तक आरोप लगाया कि विगत तीन साल से उनके हल्कों में सडक निर्माण, मरम्मत के नाम पर एक रोड़ी तक नही लगी। वहीं नारनौद विधायक दादा रामकुमार गौतम ने यहां तक कह दिया कि पीडब्ल्यूडी सड़क विभाग ही गलत आदमी को दे रखा है। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला अपने विभाग में भारी भ्रष्टाचार कर रहे है।

विद्रोही ने कहा कि सरकार ने खुद स्वीकारा है कि विधायकों को धमकियां मिली, खनन माफिया पर डीएसपी की हत्या की व कई बार पुलिस व अधिकारियों पर हमले किये। प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के स्वीकृत पदों मेें से 38 हजार पद खाली है। स्वास्थ्य ढांचा कमजोर है। जब कोसली के भाजपा विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने भक्त फूलसिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर के कृष्णनगर-कोसली के रीजनल सैंटर को इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर से जोडने की मांग की तो मुख्यमंत्री ने इस रीजनल सैंटर को महाविद्यालय बनाने की घोषणा करके खुद ही साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री का शिक्षा के प्रति कितना ज्ञान है और सरकार शिक्षा ढांचा को मजबूत करने के लिए कितनी गंभीर है? जब विधायक ने विधानसभा के बाहर मुख्यंमत्री को रीजनल सैंटर व कालेज का अंतर समझाया तब दूसरे दिन मुख्यमंत्री खट्टर ने इस रीजनल सैंटर को महाविद्यालय की बजाय रीजनल सैंटर ही बनाये रखने की घोषणा की।

विद्रोही ने कहा कि जब राशन की दुकानों से जबरदस्ती राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा बेचने की पोल खुल गई तो सरकार कह रही है कि डिपो होल्डर राशन लेने वाले गरीबों को तिरंगा खरीदने के लिए बाध्य न करे। सवाल उठता है कि यदि सरकार का ऐसा आदेश नही होता तो प्रदेश के विभिन्न डिपो होल्डर गरीबों को तिरंगा खरीदने के लिए बाध्य क्यों करते? विद्रोही ने कहा कि विधानसभा सत्र में उठे सवालों के जवाब ने ही साबित कर दिया है कि भाजपा-जजपा खट्टर सरकार एक फेल सरकार है। 

विद्रोही ने कहा कि जो नेता कांग्रेस से अलग हटकर तीसरे मोर्चे का राग अलाप रहे है, कटु सत्य ये है कि वे पर्दे के पीछे भाजपा से मिले हुए है और विपक्ष में बटवारा करके मोदी-भाजपा-संघ को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ दिलवाने में जुटे रहते है। 

error: Content is protected !!