बीच रास्ते और किनारे गड्डे दे रहे हादसों को न्योता.
मामला हेलीमंडी में राजस्व कच्चा खंडेवला रास्ता का.
खेतों के बीच रास्ते पर नहीं है रोशनी की व्यवस्था

फतह सिंह उजाला
पटौदी । 
  कथित मनमानी का खामियाजा, आखिरकार आम जनता को ही भुगतना पड़ता है । मामला थोड़ा पेचीदा है, लेकिन समस्या बेहद गंभीर बनी हुई है । गंभीर इतनी के किसी के लिए भी हादसे का कारण हो सकती है । इस मामले में पटौदी के एसडीएम को मेल डालकर समस्या की गंभीरता रास्ते के बीच और किनारे बड़े गड्ंडों की तरफ दिलाया गया तो उन्होंने पूरी तरह से अपना पल्ला झाड़ लिया।

इस मामले में पटौदी के एसडीएम प्रदीप कुमार के द्वारा कहा गया है कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है । संबंधित समस्या के संदर्भ में गुरुग्राम नगर निगम कमिश्नर से  संपर्क किया जाए। अब सवाल यह है कि क्या हेलीमंडी नगरपालिका कार्यालय, पटौदी नगरपालिका कार्यालय के साथ-साथ पटौदी के लघु सचिवालय में इस प्रकार की कोई सार्वजनिक सूचना आम जनमानस की जानकारी के लिए लिखी गई है की अब किस प्रकार की शिकायतें और समस्याओं का समाधान गुरुग्राम नगर निगम आयुक्त के द्वारा किया जाएगा और किस प्रकार की समस्याएं पटौदी के एसडीएम के द्वारा समाधान के लिए सुनी जा सकेंगी ? जानकारी के मुताबिक अभी तक इस प्रकार की कोई भी सूचना पटौदी के ऐसे सरकारी विभागों के कार्यालय पर चस्पा नहीं की गई है कि अब किस प्रकार की समस्याएं , किस विभाग की समस्याएं, गुरुग्राम नगर निगम के आयुक्त के द्वारा देखी और समाधान किया जाएगा । और किस प्रकार की समस्याएं पटौदी प्रशासन के द्वारा समाधान करने के लिए उसके अधिकार क्षेत्र में बची हैं ।

हेलीमंडी में वार्ड 15 के सड़क मार्ग कथित रूप से अवैध तरीके से बनाए जाने का आरोप है और समस्या यह है कि जहां तक सीसी पक्का रोड बन चुका है, उसे आगे खेतों के बीच रास्ते पर करीब आधा दर्जन खड्डे खोदकर काफी दिनों से छोड़े हुए हैं । यह रास्ता खेतों के बीच से निकलता हुआ आगे तक जा रहा है । सवाल यह है कि रास्ते के बीच और रास्ते के  किनारे बना कर छोड़ दिए गए होदी नुमा खड्डे किसी के लिए भी हादसे का कारण बन सकते हैं । इन दिनों बाजरा की फसल की कटाई का समय चल रहा है और तड़के प्रातः सहित देर रात तक इसी रास्ते से लोगों का आवागमन लगा रहता है । वाहन चालक भी आवागमन करते रहते हैं । रास्ते में किसी भी प्रकार की रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से इस बात से कतई भी इनकार नहीं की रास्ते के बीच और किनारे गड्डों के कारण किसी भी प्रकार की अनहोनी अथवा हादसा हो सकता है । इस गंभीर समस्या की तरफ ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है ।

लगता है जब कोई हादसा हो जाएगा ? उसके बाद ही जिस भी विभाग के अधीन यह सारा मामला आता है, उसके बाद ही स्थानीय प्रशासन की आंखें भी खुलेंगी या फिर यूं कहें कि स्थानीय प्रशासन को यहां होने वाले हादसे का ही इंतजार है । सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्थानीय प्रशासन और स्थानीय अधिकारी इतना असंवेदनशील क्यों बने हुए हैं की छोटी लेकिन गंभीर समस्याओं की तरफ आंखें बंद किए रहते हैं । यह सड़क मार्ग कथित रूप से विवाद का कारण बना है ,चर्चा के मुताबिक पालिका प्रशासन के द्वारा खंडेवला रास्ता को बनवाया गया और इसका उद्घाटन भी करवाया जा चुका है । जब उद्घाटन हो चुका है तो फिर और निर्माण कार्य क्या अलग से टेंडर छोड़कर किया जा रहा है ? यह भी अपने आप में जांच का विषय बनता जा रहा है । बहरहाल सीधी और साफ बात के साथ समस्या यही है कि कच्चे रास्ते के बीच में और किनारे पर बने हुए तथा खुले पड़े हादीे नुमा गड्ंडों के कारण कोई हादसा ना हो, समय रहते संबंधित विभाग अधिकारियों और प्रशासन को आम जनमानस की जान माल की सुरक्षा के लिए पहल करने की जरूरत है।

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