‘गेहूँ MSP में 15 रु. प्रति क्विंटल की कटौती है किसान की आर्थिक तबाही का रास्ता’. रणदीप सिंह सुरजेवाला

मोदी व खट्टर सरकारों ने मिलकर अब किसान के शोषण का नया काला अध्याय लिख डाला है। गेहूँ के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 15 रु. प्रति क्विंटल की कटौती का बर्बर व निर्दयी निर्णय केंद्र व हरियाणा की फासिस्ट भाजपा-जजपा सरकारें ही ले सकती हैं। 

मोदी सरकार व खट्टर सरकार यह जान लें कि किसान की मेहनत की कमाई से की जा रही दिन दहाड़े लूट किसान कभी मंजूर नहीं करेगा। किसान की मेहनत और खून पसीने की कमाई का अपहरण करने वाली भाजपा-जजपा सरकार अपना बोरिया बिस्तर बांधकर बाहर का रास्ता देखने की तैयारी कर ले। गेहूँ बेचने के 21 दिन बाद तक भी किसान के हजारों करोड़ का भुगतान न होने के षडयंत्र की कलई भी केंद्र व हरियाणा सरकारों के इस नए तुगलकी फरमान से खुल गई है। 

6 मई, 2020 को मोदी सरकार ने फरमान जारी कर खट्टर सरकार को गेहूँ की MSP से 15 रु. प्रति क्विंटल काटने का हुक्म दिया। कॉपी संलग्नकA1। खट्टर सरकार ने किसान हितों को दरकिनार करते हुए दंडवत हो इसे स्वीकार कर लिया तथा जरूरी निर्देश जारी कर दिए। किसान को आर्थिक तबाही की ओर धकेलने वाले इस 6 मई, 2020 के आदेश में साफ लिखा है कि:-1. नमी की मात्रा से 4 प्रतिशत से 8 प्रतिशत तक गेहूँ का दाना सूख जाने पर गेहूँ के MSP से 4.81 रु. प्रति क्विंटल व 8 प्रतिशत से 10प्रतिशत पर 9.62 रु. प्रति क्विंटल काट लिए जाएंगे। 10 प्रतिशत से अधिक नमी की मात्रा हो तो किसान की गेहूँ की खरीद MSP पर की ही नहीं जाएगी। 2. बारिश व बिजली से गेहूँ के दाने की चमक 10 प्रतिशत से अधिक कम होने पर 4.81 रु. प्रति क्विंटल MSP से काट लिए जाएंगे। 

यानि 1925 रु. प्रति क्विंटल गेहूँ की MSP में अब 14.43 रु. प्रति क्विंटल की कटौती होगी, क्योंकि पूरे हरियाणा में गेहूँ व अन्य रबी फसलों ने चार बार बेमौसमी बारिश की मार सही है। 

दूसरी ओर किसान हाहाकार कर रहा है क्योंकि 20 अप्रैल से गेहूँ खरीद के बावजूद पिछले 21 दिनों में एक फूटी कौड़ी फसल की कीमत नहीं मिल पाई। अब व्हाट्सऐप के माध्यम से सभी जिला खाद्य अधिकारियों को खट्टर सरकार ने निर्देश दिया है कि केवल 25 अप्रैल, 2020 तक ही खरीदी गई गेहूँ की पेमेंट की जाए। यानि उसके बाद खरीदी गई गेहूँ की कोई पेमेंट किसान या आढ़ती को नहीं मिलेगी। 

खट्टर सरकार से कांग्रेस के पाँच सवाल:-1. किसान के 1925 रु. प्रति क्विंटल गेहूँ MSP में 14.43 रु. प्रति क्विंटल की कटौती क्यों?2. क्या खट्टर सरकार गेहूँ MSP से 14.43 रु. प्रति क्विंटल की कटौती न कर इस राशि के सरकार द्वारा भुगतान के दायित्व की कांग्रेस की मांग को स्वीकारेगी? 3. किसान द्वारा बेची गई गेहूँ के हजारों करोड़ का भुगतान क्यों नहीं किया गया और कब तक होगा? 25 अप्रैल, 2020 के बाद बेची गई गेहूँ का भुगतान न करने का व्हाट्सऐप के माध्यम से आदेश जारी क्यों किया गया? 4. 125 रु. प्रति क्विंटल गेहूँ MSP के अतिरिक्त बोनस देने के खट्टर सरकार के वादे का क्या हुआ? 5. किसान को लगातार आर्थिक बर्बादी की ओर धकेलने का कारण बताए खट्टर सरकार?

हमारी मांग:-

1. मुख्यमंत्री, श्री मनोहर लाल खट्टर व उपमुख्यमंत्री, श्री दुष्यंत चौटाला मोदी सरकार के आगे दंडवत न होकर फौरन 6 मई, 2020 के भारत सरकार के आदेश को खारिज करवाए।2. अगर खट्टर सरकार ऐसा नहीं कर सकती, तो फौरन घोषणा करे कि गेहूँ MSP में 14.43 रु. कटौती का भुगतान किसान नहीं, हरियाणा सरकार करेगी।3. किसान से खरीदी गई हजारों करोड़ की गेहूँ व सरसों की पाई-पाई का 24 घंटे में भुगतान हो। किसान को 125 रु. क्विंटल, गेहूँ MSPपर बोनस दिया जाए।

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