-सीईओ पीसी मीणा ने अधिकारियों को बिजली सबस्टेशन और फीडर शिफ्टिंग की समयसीमा तय करने के दिए निर्देश
-9 में से 6 बिजली फीडर शिफ्ट, दिसंबर 2026 तक तैयार होगा 66 केवी सबस्टेशन

गुरुग्राम, 22 अक्टूबर। हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक प्रस्तावित मेट्रो फेज-1 के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पीसी मीणा की अध्यक्षता में जीएमडीए कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित बैठक में परियोजना के रास्ते में आने वाली बाधाओं की समीक्षा की गई। विश्लेषण के दौरान सामने आया कि मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण में फिलहाल कोई बड़ी बाधा नहीं है।
श्री मीणा ने गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) और संबंधित बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के साथ समन्वय स्थापित कर बिजली सबस्टेशन और फीडरों को शिफ्ट करने की स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करें, ताकि परियोजना के निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित मेट्रो मार्ग पर कुल 9 बिजली फीडर प्रभावित हो रहे थे, जिनमें से 6 को शिफ्ट किया जा चुका है। शेष फीडरों को स्थानांतरित करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा 66 केवी का नया सबस्टेशन बनाया जा रहा है। इसका निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है। नया सबस्टेशन चालू होने के बाद मौजूदा सबस्टेशन को हटाया जाएगा, जिससे मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण का रास्ता सुगम हो सकेगा। समीक्षा के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि मेट्रो मार्ग पर सीवरेज लाइन, पेयजल आपूर्ति लाइन और स्टॉर्म वाटर ड्रेन जैसी बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कोई बड़ी बाधा सामने नहीं आई है।
रेवाड़ी और झज्जर की ओर जाने वाले वाहन चालकों को मिलेगी राहत
हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक मेट्रो कॉरिडोर विकसित होने से क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलने के साथ-साथ सड़क यातायात पर दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से इस मार्ग से रेवाड़ी और झज्जर की ओर जाने वाले वाहन चालकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। परियोजना के आगे बढ़ने से गुरुग्राम के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होने और भविष्य में यातायात प्रबंधन को अधिक सुगम बनाने में सहायता मिलेगी।
गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के पहले चरण के तहत मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक 15.2 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसके तहत द्वारका एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-101 तक एक स्पर लाइन भी शामिल है। इस कॉरिडोर के माध्यम से सेक्टर-45, साइबर पार्क, सेक्टर-47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज-6, सेक्टर-10, सेक्टर-37 और बसई सहित प्रमुख स्थानों को मेट्रो कनेक्टिविटी से जोड़ा जा रहा है। मिलेनियम सिटी सेंटर स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन से इंटरचेंज की सुविधा भी मिलेगी, जिससे पुराने और नए गुरुग्राम के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
इस बैठक में जीएमआरएल के उप महाप्रबंधक मधुर गोयल, एनएचएआई के परियोजना निदेशक पीआईयू-रेवाड़ी योगेश तिलक, जीएमडीए के मुख्य अभियंता प्रवीण चौधरी सहित संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








