बिजली निगम मुनाफे में, फिर निजीकरण की इतनी बेचैनी क्यों? जनता को जवाब दे भाजपा सरकार : वर्धन यादव

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गुरुग्राम की जनता के पैसों से खड़ा बिजली का ढांचा निजी हाथों में सौंपने की तैयारी जनहित के साथ विश्वासघात : वर्धन यादव

किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग की जेब पर डाका डालने की कोशिश बर्दाश्त नहीं करेगी कांग्रेस, जरूरत पड़ी तो सड़कों पर होगा बड़ा जन-आंदोलन

गुरुग्राम, 22 अक्टूबर 2026। हरियाणा सरकार द्वारा गुरुग्राम एवं नूंह क्षेत्र में बिजली व्यवस्था के निजीकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का जिला कांग्रेस कमेटी गुरुग्राम (ग्रामीण) के अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी बादशाहपुर वर्धन यादव ने कड़ा विरोध करते हुए भाजपा सरकार की नीयत और नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वर्धन यादव ने कहा कि “जब बिजली निगम मुनाफे की ओर बढ़ रहे हैं, तो सरकार को निजीकरण की इतनी जल्दबाजी क्यों है? आखिर किसके दबाव में और किसके फायदे के लिए जनता की संपत्ति को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है? सरकार स्पष्ट करे कि इस फैसले से आम जनता को क्या लाभ होगा और निजी कंपनियों को क्या फायदा मिलेगा?” उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था किसी सरकार की निजी जागीर नहीं है, जिसे जब चाहे अपने चहेते उद्योगपतियों के हवाले कर दिया जाए। बिजली का पूरा बुनियादी ढांचा जनता की मेहनत की कमाई और सरकारी संसाधनों से खड़ा किया गया है। करोड़ों रुपये खर्च करके ग्रिड, सब-स्टेशन, ट्रांसमिशन लाइनें, बिजली के खंभे और वितरण व्यवस्था तैयार की गई है। अब सवाल यह है कि निवेश जनता का, संपत्ति जनता की और मुनाफा निजी कंपनियों का—आखिर भाजपा सरकार यह कैसा विकास मॉडल जनता पर थोपना चाहती है?

वर्धन यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र से लेकर हरियाणा तक भाजपा की आर्थिक नीतियों में सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम नागरिकों की सुविधाओं से अधिक निजी कंपनियों के व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता दे रही है। “भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि जिस बिजली व्यवस्था को जनता के टैक्स के पैसों से विकसित किया गया, उसका नियंत्रण निजी कंपनियों को सौंपने की आवश्यकता आखिर क्यों पैदा हुई? क्या सरकार सार्वजनिक संपत्तियों की संरक्षक है या उन्हें निजी हाथों में सौंपने का माध्यम बन चुकी है?”

“हरियाणा का किसान पहले ही खाद, बीज, डीजल और खेती की बढ़ती लागत से परेशान है। यदि सिंचाई के लिए बिजली भी महंगी हो गई, तो किसान की खेती और आमदनी दोनों पर सीधा प्रहार होगा। यह फैसला केवल बिजली का निजीकरण नहीं, बल्कि किसानों और आम परिवारों की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है।”

वर्धन यादव ने कहा कि “भाजपा सरकार एक तरफ महंगाई से जनता की कमर तोड़ रही है और दूसरी तरफ बिजली जैसी आवश्यक सेवा को निजी हाथों में सौंपकर लोगों की मुश्किलें बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस यह सवाल सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी कि आखिर जनता की संपत्ति और जनता के अधिकारों की कीमत पर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने की जरूरत क्यों पड़ रही है?” अंत में वर्धन यादव ने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता की मेहनत की कमाई से खड़ी की गई सार्वजनिक संपत्तियों और आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़ी है। यदि सरकार ने जनभावनाओं की अनदेखी करते हुए निजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई, तो जिला कांग्रेस कमेटी गुरुग्राम ग्रामीण किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, बिजली कर्मचारियों और आम जनता को साथ लेकर व्यापक जन-आंदोलन करेगी।

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Author: Bharat Sarathi

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