आईडीसी में बिजली गुल, उद्योगों का कामकाज ठप: धर्मसागर

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उत्पादन और माल की आपूर्ति प्रभावित होने का दावा, अधिकारियों के फोन नहीं उठाने पर उद्यमियों में रोष

गुरुग्राम, 22 अक्टूबर। आईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में वीरवार को बिजली आपूर्ति बाधित रहने से औद्योगिक इकाइयों का कामकाज प्रभावित हुआ। आईडीसी के प्रधान धर्मसागर ने कहा कि पूरे दिन बिजली नहीं मिलने से अधिकांश इकाइयों में मशीनें बंद रहीं और श्रमिकों व कर्मचारियों को काम शुरू होने का इंतजार करना पड़ा। उत्पादन रुकने और तैयार माल की आपूर्ति प्रभावित होने से उद्यमियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

धर्मसागर के साथ सुनील दत्ता, विजय टंडन, देवेंद्र जैन, प्रवीण वर्मा और तरुण खन्ना ने बिजली संकट पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के संचालन के लिए नियमित बिजली आपूर्ति सबसे जरूरी सुविधा है। लंबे समय तक बिजली बंद रहने से उत्पादन का पूरा क्रम बिगड़ जाता है और ग्राहकों को तय समय पर माल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।

उद्यमियों के अनुसार, बिजली बाधित होने से कच्चे माल की ढुलाई और तैयार माल की आपूर्ति से जुड़े काम भी प्रभावित हुए। घरेलू और विदेशी ग्राहकों के ऑर्डर समय पर पूरे करने में कठिनाई आ रही है। स्थानीय दुकानदारों और अन्य कारोबारियों के दैनिक व्यवसाय पर भी इसका असर पड़ा है।

निवेश के दावों के बीच सुविधाओं पर सवाल

धर्मसागर ने कहा कि सरकार गुरुग्राम में औद्योगिक निवेश बढ़ाने और कारोबार के लिए अनुकूल माहौल बनाने के दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उद्यमियों को बिजली, सड़क और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आईडीसी जैसे पुराने और महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।

उन्होंने कहा कि बिजली उद्योगों की रीढ़ है। इसकी आपूर्ति बाधित होने पर उत्पादन से लेकर माल की आपूर्ति तक पूरी व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसी परिस्थितियां उद्यमियों और निवेशकों में निराशा पैदा करती हैं।

अधिकारियों ने फोन नहीं उठाए: उद्यमी

उद्यमियों ने आरोप लगाया कि समस्या की जानकारी देने और बिजली बहाली के बारे में पूछने के लिए बिजली निगम तथा जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों को फोन किए गए, लेकिन कॉल का जवाब नहीं मिला। इससे उन्हें आपूर्ति बहाल होने के समय की जानकारी भी नहीं मिल सकी।

आगामी तीन दिनों तक पानी की आपूर्ति प्रभावित रहने की आशंका ने भी उद्यमियों की चिंता बढ़ाई है। उनका कहना है कि बिजली के साथ पानी का संकट गहराया तो उद्योगों, कर्मचारियों और आसपास के लोगों की परेशानी और बढ़ेगी।

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Author: Bharat Sarathi

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