कानून-व्यवस्था से लेकर किसान, युवा और व्यापारी तक परेशान; महिलाओं को 2100 रुपये, दो लाख सरकारी नौकरियों और पांच लाख रोजगार सहित 20 प्रमुख चुनावी वादों पर सरकार जारी करे श्वेतपत्र : राव नरेंद्र सिंह
हरियाणा को पूर्णकालिक मुख्यमंत्री चाहिए, पंजाब की राजनीति में व्यस्त मुख्यमंत्री नहीं; घोषणाओं के बजाय अपने दो साल के काम का हिसाब दे सरकार : चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा
दो साल में जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी भाजपा सरकार : कुमारी शैलजा
बढ़ते अपराध, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और लोकतांत्रिक अधिकारों पर सरकार दे जवाब : दीपेंद्र सिंह हुड्डा
चंडीगढ़, 21 अक्टूबर : हरियाणा में भाजपा सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान किए गए बड़े-बड़े वादों और जनता की मौजूदा समस्याओं के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने सिरसा में, नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दिल्ली में, कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने चंडीगढ़ में और सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने रोहतक में पत्रकार वार्ताओं के माध्यम से सरकार के दो साल के कार्यकाल पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेताओं ने कानून-व्यवस्था, किसानों की परेशानियों, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, कथित घोटालों, स्वास्थ्य सेवाओं, नशे और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार को केवल उपलब्धियों के दावे करने के बजाय जनता के सामने चुनावी वादों का तथ्यात्मक हिसाब रखना चाहिए।
राव नरेंद्र सिंह : भाजपा सरकार के दो साल में बढ़ीं जनसमस्याएं, जनता को वादों का हिसाब दे सरकार
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन प्रदेश की जनता आज भी अपराध, बेरोजगारी, किसानों की परेशानियों, भ्रष्टाचार और सरकारी सेवाओं की बदहाली जैसे मुद्दों से जूझ रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने हर वर्ग से बड़े-बड़े वादे किए थे। अब सरकार बताए कि कितने वादे पूरे हुए, कितनों पर काम चल रहा है और शेष घोषणाओं को पूरा करने की समयसीमा क्या है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। व्यापारियों से रंगदारी मांगने, धमकियां देने और गोलीबारी की घटनाओं से कारोबारी वर्ग में चिंता है। जब व्यापारी भय के माहौल में कारोबार करने को मजबूर हों और आम नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो, तो सरकार को अपनी जिम्मेदारी से बचने के बजाय ठोस कार्रवाई और परिणाम सामने रखने चाहिए। जनता को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि किसानों को धान और बाजरे की खरीद, फसलों के भुगतान तथा मंडियों की अव्यवस्थाओं के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। दूसरी ओर, युवा रोजगार के अवसरों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हरियाणा जैसे कृषि, खेल और सैन्य सेवा की गौरवशाली परंपरा वाले प्रदेश में युवाओं को स्थायी रोजगार और सुरक्षित भविष्य मिलना चाहिए, लेकिन रोजगार को लेकर सरकार के चुनावी वादों पर गंभीर सवाल बने हुए हैं।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा ने महिलाओं को प्रतिमाह 2100 रुपये देने, युवाओं को दो लाख पक्की सरकारी नौकरियां और पांच लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त उपचार देने जैसे बड़े वादे किए थे। सरकार स्पष्ट करे कि वर्तमान में कितनी महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं, दो वर्षों में कितनी नियमित सरकारी नियुक्तियां हुईं, कितने नए रोजगार सृजित हुए और कितने परिवारों को 10 लाख रुपये तक के उपचार का वास्तविक लाभ मिला। इन योजनाओं के बजट, लाभार्थियों और क्रियान्वयन का पूरा विवरण जनता के सामने आना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद का वादा किया था। सरकार प्रत्येक फसल की खरीद, लाभान्वित किसानों की संख्या और भुगतान की स्थिति सार्वजनिक करे। इसी तरह पांच लाख शहरी एवं ग्रामीण आवास उपलब्ध कराने की घोषणा पर बताया जाए कि कितने मकान स्वीकृत हुए, कितने बनकर तैयार हुए और कितने लाभार्थियों को सौंपे गए। किसानों और गरीब परिवारों से किए गए वादों का आकलन केवल सरकारी दावों से नहीं, बल्कि जमीन पर हुए काम से होना चाहिए।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं को पांच लाख नए रोजगार, अप्रेंटिसशिप स्टाइपेंड और हरियाणा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं आधुनिक कौशल शिक्षा का वैश्विक केंद्र बनाने की घोषणाएं की थीं। सरकार बताए कि कितने प्रशिक्षण केंद्र स्थापित हुए, कितने युवाओं को प्रशिक्षण मिला और कितनों को रोजगार प्राप्त हुआ। दस आधुनिक औद्योगिक शहर विकसित करने के वादे पर भी निवेश, परियोजनाओं की प्रगति और स्थानीय युवाओं को मिले रोजगार का विवरण जारी किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बीपीएल एवं अंत्योदय परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने, ग्रामीण कॉलेज छात्राओं को स्कूटर वितरित करने, प्रत्येक जिले में ओलंपिक खेल नर्सरी स्थापित करने और हर हरियाणवी अग्निवीर को सरकारी नौकरी की गारंटी देने जैसी घोषणाओं पर भी सरकार स्थिति स्पष्ट करे। कितने परिवारों को गैस सिलेंडर योजना का लाभ मिल रहा है, कितनी छात्राओं को स्कूटर मिले, कितनी खेल नर्सरियां संचालित हैं और कितने पात्र पूर्व अग्निवीरों को नियुक्तियां मिली हैं, इसका विवरण सामने आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि 36 बिरादरियों के कल्याण बोर्ड, वैज्ञानिक फार्मूले के आधार पर सामाजिक पेंशन में वृद्धि, अनुसूचित जाति एवं ओबीसी विद्यार्थियों को मेडिकल और इंजीनियरिंग शिक्षा के लिए पूर्ण छात्रवृत्ति तथा ओबीसी उद्यमियों को 25 लाख रुपये तक ऋण गारंटी देने की घोषणाओं के तहत लाभार्थियों की संख्या, बजट और खर्च का विवरण भी सार्वजनिक किया जाए। सरकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पात्र लोगों तक उनका लाभ पहुंचे।
राव नरेंद्र सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि सभी मरीजों के लिए मुफ्त डायलिसिस की घोषणा की वास्तविक स्थिति भी सामने आनी चाहिए। सरकार बताए कि कितने अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध है और कितने मरीज इससे लाभान्वित हो रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और युवाओं को नशे से बचाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। नशे की रोकथाम, उपचार, पुनर्वास और अवैध कारोबार पर कार्रवाई के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।
प्रदेश अध्यक्ष ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कहा कि नगर निगमों, धान खरीद, मनरेगा और अन्य सरकारी व्यवस्थाओं से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सरकारी धन के दुरुपयोग, जमीनों से जुड़े विवादों, कथित लैंड माफिया और अवैध खनन के मामलों में पारदर्शिता के साथ तथ्य सार्वजनिक किए जाएं तथा जहां अनियमितताएं प्रमाणित हों, वहां जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। अवैध खनन प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।
मुख्यमंत्री पर सवाल उठाते हुए राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा की जनता ने मुख्यमंत्री को प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि उनकी राजनीतिक व्यस्तताओं में हरियाणा की समस्याओं के मुकाबले पंजाब की राजनीति को अधिक प्राथमिकता मिल रही है। हरियाणा को पार्ट टाइम नहीं, पूर्णकालिक मुख्यमंत्री चाहिए, जो प्रदेश में रहकर किसानों, युवाओं, व्यापारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की समस्याओं को सुने तथा उनका समाधान करे। मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता के प्रति अपनी जवाबदेही सर्वोपरि रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, वंदे भारत सेवाओं, चार रैपिड रेल मार्गों, इंटरसिटी एक्सप्रेस मेट्रो और दक्षिण हरियाणा में प्रस्तावित 10 हजार एकड़ के अरावली जंगल सफारी पार्क जैसी बड़ी परियोजनाओं की प्रगति, स्वीकृतियों, बजट और समयसीमा भी सार्वजनिक की जानी चाहिए। सरकार बताए कि इन परियोजनाओं पर कितना काम हुआ और जनता को इनका लाभ कब तक मिलेगा।
राव नरेंद्र सिंह ने वोट चोरी और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से जुड़े सवालों पर भी निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना लोकतंत्र की बुनियादी जिम्मेदारी है। चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता आवश्यक है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार को अपने दो वर्षों के कार्यकाल का वादावार श्वेतपत्र जारी करना चाहिए। इसमें प्रत्येक घोषणा की वर्तमान स्थिति, खर्च की गई राशि, लाभार्थियों की संख्या और अधूरे कार्यों को पूरा करने की समयसीमा स्पष्ट होनी चाहिए। सरकार प्रचार और राजनीतिक बयानबाजी से बाहर निकलकर जनता के सवालों का जवाब दे। कांग्रेस प्रदेश के वास्तविक मुद्दों को उठाती रहेगी और सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा : दो साल में जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी भाजपा सरकार

नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दिल्ली में पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में किसान, युवा, कर्मचारी, व्यापारी और आम नागरिक अनेक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। सरकार को अपने चुनावी वादों और वास्तविक कामकाज का हिसाब देना चाहिए। रोजगार, कानून-व्यवस्था, किसानों की आय, स्वास्थ्य सुविधाओं और भ्रष्टाचार से जुड़े सवालों पर केवल घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं; जनता को ठोस परिणाम चाहिए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के विकास का आकलन विज्ञापनों से नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में आए बदलाव से होना चाहिए। सरकार किसानों की फसल खरीद, युवाओं को रोजगार, सरकारी संस्थानों की स्थिति और प्रदेश की वित्तीय एवं प्रशासनिक पारदर्शिता पर स्पष्ट जवाब दे।
कुमारी सैलजा : जनसमस्याओं तथा लोकतांत्रिक अधिकारों पर सरकार जवाबदेह बने

कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने चंडीगढ़ में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि महिलाओं की आर्थिक सहायता, मुफ्त उपचार, रोजगार, आवास, किसानों की एमएसपी, सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े चुनावी वादों की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक होनी चाहिए। सरकार प्रत्येक घोषणा के तहत लाभार्थियों की संख्या, बजट और अब तक हुई प्रगति का विवरण जारी करे। जनता को घोषणाओं के बजाय ठोस परिणाम मिलने चाहिए।

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने रोहतक में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि हरियाणा के युवाओं को रोजगार, किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। प्रदेश में अपराध, गैंगस्टर गतिविधियों, नशे और बेरोजगारी को लेकर उठ रही चिंताओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वोट चोरी से जुड़े सवालों और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर पात्र मतदाता का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। सरकार को वास्तविक समस्याओं पर ठोस कार्रवाई और स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस ने कहा कि हरियाणा की जनता भाजपा सरकार के दो वर्षों का हिसाब चाहती है। कानून-व्यवस्था, रोजगार, किसान हित, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और चुनावी वादों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस इन मुद्दों को जनता के बीच उठाती रहेगी और सरकार से जवाबदेही की मांग करती रहेगी।









