-पेंशन बहाली संघर्ष समिति ने गुरुग्राम में निकाला ओपीएस संकल्प मार्च
-पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर सरकार को चेताया
-7 फरवरी 2027 को कुरुक्षेत्र में होगा ओपीएस बहाली के लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन

गुरुग्राम, 18 अक्टूबर 2026: पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर पिछले आठ वर्षों से संघर्षरत पेंशन बहाली संघर्ष समिति (पीबीएसएस) हरियाणा ने रविवार को गुरुग्राम में ओपीएस संकल्प मार्च निकालकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को बुलंद किया। कमला नेहरू पार्क में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की बैठक के बाद निकाले गए इस मार्च में शिक्षा, स्वास्थ्य, सफाई सहित अनेक विभागों के कर्मचारियों एवं कर्मचारी संगठनों ने भाग लेकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग का समर्थन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओपीएस गुरुग्राम के जिला प्रधान डॉ. सुशील कटारिया ने की, तथा मंच संचालन जिला महासचिव बलराज ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष बिजेंद्र धारीवाल ने कहा कि हम अपने ही नहीं, आने वाली पीढिय़ों के हकों की भी लड़ाई लड़ रहे हैं। पुरानी पेंशन कर्मचारियों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और बुढ़ापे के सहारे का सवाल है। वर्ष 2004 में केंद्र सरकार और वर्ष 2006 में हरियाणा सरकार द्वारा नई पेंशन व्यवस्था लागू किए जाने से कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक सरकारी सेवा देने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन की गारंटी मिलनी चाहिए।

धारीवाल ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली का आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है। सरकार द्वारा आंदोलनकारियों पर कार्रवाई, मुकदमे दर्ज करने और वैकल्पिक पेंशन योजनाओं के माध्यम से कर्मचारियों को संतुष्ट करने के प्रयासों के बावजूद कर्मचारियों का संकल्प कमजोर नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की स्पष्ट मांग केवल पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली है। कर्मचारी अपने भविष्य की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था में अंतर पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जनप्रतिनिधियों को पेंशन की सुविधा मिल सकती है, तो जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष सरकारी सेवा में समर्पित करने वाले कर्मचारियों को इस अधिकार से वंचित क्यों रखा जाए? उन्होंने प्रदेश के सभी विभागों के कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया। प्रदेश अध्यक्ष ने घोषणा की कि 7 फरवरी 2027 को कुरुक्षेत्र में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों से इस आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने और अपनी एकजुटता का परिचय देने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की संगठित शक्ति ही सरकार को उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करने के लिए बाध्य कर सकती है।
पुरानी पेंशन कर्मचारियों का अधिकार: डॉ. सुशील कटारिया
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पीबीएसएस गुरुग्राम के जिला प्रधान डॉ. सुशील कटारिया ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली केवल आर्थिक लाभ का विषय नहीं, बल्कि कर्मचारियों के भविष्य, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जिले में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के बीच जनसंपर्क अभियान चलाकर आंदोलन को मजबूत किया जा रहा है। कर्मचारियों की एकजुटता ही इस संघर्ष की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी कर्मचारी संगठनों, अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक कर्मचारी इस मांग को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझते हुए आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाए।
कई कर्मचारी संगठनों ने दिया समर्थन
सभा को संबोधित करते हुए समिति के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान अनूप लाठर ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के संघर्ष में योगदान देने वाले कर्मचारियों का प्रयास हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को नई पेंशन व्यवस्था से मुक्ति दिलाकर पुरानी पेंशन का अधिकार वापस दिलाना समय की आवश्यकता है। राज्य कोषाध्यक्ष ज्ञान सिंह गिल, जींद जिला प्रधान जोगेंद्र लोहान और झज्जर जिला प्रधान डॉ. मनोज कुमार ने भी कर्मचारियों से एकजुट होकर संघर्ष को आगे बढ़ाने की अपील की। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान सत्यनारायण यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का महत्वपूर्ण अधिकार है, जिसे पूर्ववर्ती कर्मचारी संघर्षों के माध्यम से हासिल किया गया था। उन्होंने नई पेंशन व्यवस्था के स्थान पर पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग का समर्थन किया। हरियाणा प्राथमिक टीचर एसोसिएशन एसोसिएशन के जिला प्रधान अमित भारद्वाज ने कहा कि जिस प्रकार देश की आजादी के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा, उसी प्रकार पुरानी पेंशन बहाली की लड़ाई में भी धैर्य और एकजुटता आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि कर्मचारियों का संघर्ष अवश्य सफल होगा और हरियाणा प्राथमिक टीचर एसोसिएशन इस आंदोलन में अंतिम पड़ाव तक साथ खड़ा रहेगा।
नर्सिंग ऑफिसर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा की प्रदेश मीडिया सचिव पूनम सहराय ने कहा कि पुरानी पेंशन केवल पेंशन नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सुख-दुख का सहारा और बुढ़ापे की सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में अग्रिम पंक्ति में रहकर सेवाएं देने वाले कर्मचारियों सहित सभी सरकारी कर्मचारियों को उनके अधिकार मिलने चाहिए। ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहित मदान, हरियाणा राजकीय अनुसूचित जाति अध्यापक संघ के जिला प्रधान सतपाल, हसला जिला प्रधान सुदीप राठी सहित अन्य वक्ताओं ने भी पुरानी पेंशन बहाली की मांग का समर्थन किया।
एकजुटता के संकल्प के साथ संपन्न हुआ मार्च
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इसके बाद कर्मचारियों ने ओपीएस संकल्प मार्च निकालकर अपनी मांग को बुलंद किया और सरकार से पुरानी पेंशन योजना शीघ्र बहाल करने की अपील की। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों और पेंशन बहाली आंदोलन से जुड़े अनेक साथियों की सहभागिता रही। गुरुग्राम में आयोजित इस कार्यक्रम ने पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर कर्मचारियों की एकजुटता और दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया।







