नायब सैनी के दौरों पर उठाए सवाल; फसल खरीद, व्यापारियों की सुरक्षा और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई की मांग
चंडीगढ़, 16 अक्टूबर। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने किसानों की समस्याओं, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसान फसल बेचने के लिए परेशान हैं, व्यापारी फिरौती और रंगदारी से भयभीत हैं तथा जनता प्रशासनिक अनियमितताओं से जूझ रही है, जबकि मुख्यमंत्री प्रदेश से बाहर के दौरों में व्यस्त हैं।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को ‘पार्ट-टाइम मुख्यमंत्री, फुल-टाइम राजनीतिक पर्यटक’ करार देते हुए कहा कि हरियाणा को ऐसा पूर्णकालिक नेतृत्व चाहिए जो जनता के बीच रहकर उसकी समस्याओं का समाधान करे। पार्टी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में प्रदेश की समस्याओं को अपेक्षित स्थान नहीं मिल रहा है।
खरीद, उठान और भुगतान पर सवाल
कांग्रेस ने कहा कि मंडियों में किसानों को अपनी उपज की खरीद, उठान और भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। पार्टी ने मांग की कि सरकार खरीद व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करे, मंडियों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करे।
पार्टी ने कहा कि देश का पेट भरने वाला किसान अपनी फसल बेचने के लिए भटके, यह स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों को किसानों की समस्याओं का संज्ञान लेकर जवाबदेही तय करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के दौरों पर निशाना
प्रेस विज्ञप्ति में मुख्यमंत्री के 4 से 6 अक्टूबर के सिंगापुर दौरे तथा 14 से 17 अक्टूबर के स्वीडन दौरे का उल्लेख करते हुए कांग्रेस ने उनकी प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। पार्टी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पंजाब, बिहार, दिल्ली और विदेश यात्राओं में व्यस्त रहते हैं, जबकि प्रदेश की जनता अपनी समस्याओं के समाधान की प्रतीक्षा कर रही है।
कांग्रेस ने कहा कि जनता को मुख्यमंत्री के दौरों की सूची से अधिक अपने सवालों के जवाब और समस्याओं का समाधान चाहिए।
व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे सरकार
प्रदेश में हत्याओं, फिरौती और रंगदारी की घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। पार्टी ने अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई, व्यापारियों की सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
इसके साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कथित अवैध हिरासत और विपक्ष की लोकतांत्रिक गतिविधियों में बाधा डालने के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई। पार्टी ने कहा कि पुलिस का दायित्व जनता की सुरक्षा करना और अपराध रोकना है। उसका इस्तेमाल विपक्ष की आवाज दबाने या सत्तारूढ़ दल के राजनीतिक हित साधने के लिए नहीं होना चाहिए।
भ्रष्टाचार की शिकायतों की समयबद्ध जांच हो
कांग्रेस ने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं की शिकायतों पर समयबद्ध जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पार्टी ने कहा कि केवल प्रचार और घोषणाओं से सुशासन स्थापित नहीं होता। उसकी वास्तविक कसौटी किसानों को समय पर भुगतान, व्यापारियों को सुरक्षा और जनता को भ्रष्टाचार से राहत मिलना है।
चुनावी आरोपों पर तथ्य सार्वजनिक करने की मांग
पिछले विधानसभा चुनाव के बाद उठाए गए कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और सरकार के जनादेश पर सवाल उठाए। पार्टी ने इन आरोपों तथा मतदाता सूचियों में हुए बदलावों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और व्यापक जांच कर तथ्य सार्वजनिक करने की मांग की।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि शासन से जुड़ी विफलताओं और चुनावी आरोपों के मद्देनजर मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। पार्टी ने कहा कि प्रदेश की जनता को जवाबदेह सरकार और अपनी समस्याओं का ठोस समाधान चाहिए।








