महंगाई और कुपोषण पर रोक की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

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महंगाई और कुपोषण पर रोक की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

जनवादी महिला समिति ने सस्ता राशन, पोषण सहायता और रोजगार बढ़ाने की उठाई आवाज

गुरुग्राम, 15 अक्तूबर। बढ़ती महंगाई, भूख और कुपोषण पर रोक लगाने तथा महिलाओं और आम जनता को राहत देने की मांग को लेकर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की गुरुग्राम इकाई ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा। राज्य कमेटी के आह्वान पर समिति के प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार जगदीश भारद्वाज के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाईं।

प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष रामवती, जिला सचिव भारती, कार्यकारी जिला सचिव विधा, उपाध्यक्ष ओमवती सहित सुमन, नेहा, नीलम शर्मा और कलावती शामिल रहीं।

महंगाई से बिगड़ा परिवारों का बजट

समिति की राज्य महासचिव उषा सरोहा ने कहा कि खाद्य पदार्थों, सब्जियों, खाद्य तेल, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से गरीब और मेहनतकश परिवारों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि आर्थिक तंगी के कारण गरीब परिवारों की थाली से पौष्टिक भोजन दूर होता जा रहा है और भूख व कुपोषण का संकट गंभीर हो रहा है।

उषा सरोहा ने कहा कि बेरोजगारी, घटती वास्तविक मजदूरी, महंगी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ बढ़ते कर्ज ने महिलाओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। परिवार का बजट संभालने और बच्चों के भोजन की व्यवस्था करने वाली महिलाओं पर महंगाई का सबसे अधिक दबाव पड़ता है। त्योहारों के मौसम में आवश्यक वस्तुओं की खरीद भी जरूरतमंद परिवारों के लिए चुनौती बन रही है।

पोषण योजनाओं का लाभ हर पात्र तक पहुंचे

जिला अध्यक्ष रामवती ने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं के बजट में कटौती के कारण जरूरतमंद परिवार अपने अधिकारों से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के पोषण से जुड़ी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है।

रामवती ने मांग की कि आंगनवाड़ी, मातृ-पोषण और बाल पोषण योजनाओं का विस्तार किया जाए। डिजिटल सत्यापन से आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए और इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए फैमिली आईडी तथा आधार कार्ड की अनिवार्यता समाप्त की जाए। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए पर्याप्त पौष्टिक भोजन एवं पोषण सहायता सुनिश्चित की जाए।

राशन डिपो पर बढ़ें वस्तुएं और मात्रा

मांगपत्र में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने की मांग की गई। समिति ने कहा कि सभी जरूरतमंद परिवारों को पर्याप्त मात्रा में सस्ता राशन उपलब्ध कराया जाए।

त्योहारों को देखते हुए राशन डिपो पर मिलने वाले राशन की मात्रा, वस्तुओं की संख्या और गुणवत्ता बढ़ाने की मांग भी उठाई गई। समिति ने मांगपत्र में सरसों के तेल की आपूर्ति दोबारा शुरू करने तथा घी, सूजी, सूखे मेवे और मसालों सहित 14 आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने की मांग रखी।

रोजगार और कर्ज से राहत की मांग

समिति ने रोजगार के अवसर बढ़ाने, न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि करने और मनरेगा के तहत काम दोबारा शुरू कराने की मांग भी की। इसके साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक परिवहन जैसी बुनियादी सेवाओं को सस्ता एवं सुलभ बनाने पर जोर दिया गया।

महिलाओं को कर्ज के शोषणकारी जाल से बचाने के लिए सस्ती संस्थागत ऋण सुविधा उपलब्ध कराने और कर्ज वसूली के नाम पर होने वाले उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

जिला सचिव भारती ने कहा कि हरियाणा सरकार महंगाई से राहत देने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए। उन्होंने महिलाओं, गरीबों और मेहनतकश परिवारों के लिए पर्याप्त खाद्य सुरक्षा तथा सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

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Author: Bharat Sarathi

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