सलवान के वार्षिकोत्सव में गूंजा कबीर का संदेश

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‘कहत कबीर’ और ‘पुतलियों के पार’ से विद्यार्थियों ने दिया प्रेम, सत्य और आत्मचिंतन का संदेश

गुरुग्राम, 12 अक्टूबर। सलवान पब्लिक स्कूल गुरुग्राम में 10 अक्टूबर को आयोजित वार्षिकोत्सव में संत कबीर की वाणी और आधुनिक जीवन के सवाल एक साथ मंच पर जीवंत हुए। ‘सुनो भाई साधो’ विषय पर आयोजित समारोह में विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और आत्मचिंतन का संदेश दिया। कार्यक्रम में शैक्षणिक, खेलकूद एवं अन्य क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

समारोह में अशोक चक्र एवं विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित मेजर जनरल साइरस एडी पीठावाला मुख्य अतिथि रहे। जिला शिक्षा अधिकारी कैप्टन इन्दु बोकन कसाना तथा विद्यालय के पूर्व छात्र एवं अभिनेता-निर्देशक दिनकर शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय के चेयरमैन डॉ. प्रसाद मेदुरी और प्रबंधन समिति ने अतिथियों का स्वागत किया।

स्कूल बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों के बीच राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट मुख्य अतिथि को समारोह स्थल तक लेकर पहुंचे। मुख्य अतिथि ने सलवान एजुकेशन ट्रस्ट के संस्थापक पंडित गिरधारी लाल सलवान, चेयरमैन एमेरिटस स्वर्गीय शिव दत्त सलवान तथा ब्रिगेडियर आनंद मोहन शर्मा के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की।

नन्हे कलाकारों ने जीवंत किए कबीर के दोहे

जूनियर विंग के विद्यार्थियों की नृत्य-नाटिका ‘कहत कबीर’ समारोह का प्रमुख आकर्षण रही। बच्चों ने संत कबीर के कालजयी दोहों को आज के जीवन की परिस्थितियों से जोड़ते हुए प्रेम, करुणा और मानवीय एकता का संदेश प्रस्तुत किया। अभिनय और नृत्य के माध्यम से उन्होंने दिखाया कि कबीर के विचार आज भी हमारे व्यवहार और सामाजिक संबंधों को दिशा दे सकते हैं।

सीनियर विंग की नाट्य प्रस्तुति ‘पुतलियों के पार’ ने आधुनिक समाज में अंतर्मन की आवाज सुनने, सत्य-असत्य का भेद समझने और आभासी दुनिया से आगे बढ़कर व्यक्ति के वास्तविक चरित्र को पहचानने की आवश्यकता सामने रखी। प्रकाश, संगीत और मूक अभिनय के संयोजन से विद्यार्थियों ने विषय को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। समापन में ‘सुनो भाई साधो’ के संदेश ने दर्शकों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में कबीर के संदेश—‘जहाँ दया तहाँ धर्म है, जहाँ लोभ तहाँ पाप। जहाँ क्रोध तहाँ काल है, जहाँ क्षमा तहाँ आप॥’—के माध्यम से दया, क्षमा और सद्भाव का महत्त्व रेखांकित किया गया।

भारतीय और पाश्चात्य वाद्यों की जुगलबंदी

छात्र संगीतकारों ने तबला, सितार, हारमोनियम, गिटार, ड्रम और चाइम्स की जुगलबंदी से सजी वाद्यवृंद एवं गीत प्रस्तुति दी। भारतीय और पाश्चात्य वाद्ययंत्रों के समन्वय ने कार्यक्रम को संगीतमय बनाया।

प्राचीन कला केंद्र के अंतर्गत पिछले पांच वर्षों से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों ने शास्त्रीय तराना प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति में विद्यार्थियों के अभ्यास, कलात्मक अभिव्यक्ति और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जुड़ाव की झलक दिखाई दी।

विद्यार्थियों और शिक्षकों का सम्मान

प्रभारी प्रधानाचार्या डॉ. सुनीता जाखड़ और विद्यालय की छात्रा प्रमुख काव्या सिंगला ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने शैक्षणिक उपलब्धियों, खेलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त पदकों, नवाचारी शिक्षण पद्धतियों तथा आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

पुरस्कार वितरण समारोह में चेयरमैन डॉ. प्रसाद मेदुरी और प्रभारी प्रधानाचार्या डॉ. सुनीता जाखड़ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों तथा उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया।

बच्चों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण जरूरी

मुख्य अतिथि मेजर जनरल साइरस एडी पीठावाला ने विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रतिभा तथा शैक्षणिक एवं खेल उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के युवा वैश्विक उथल-पुथल, सोशल मीडिया से पैदा होने वाले व्यवधानों और पढ़ाई के तनाव जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों और शिक्षकों को मिलकर बच्चों के लिए सुरक्षित तथा सकारात्मक वातावरण तैयार करना चाहिए।

उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी नई और नैतिक चुनौतियों के प्रति बच्चों को तैयार करने की आवश्यकता भी बताई। विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि वे किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि विविध क्षमताएं विकसित कर जिम्मेदार नागरिक बनें।

विद्यालय के चेयरमैन डॉ. प्रसाद मेदुरी ने कहा कि वार्षिकोत्सव संस्था की लगभग तीन दशकों की शैक्षणिक और पाठ्येतर गतिविधियों की यात्रा को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों और शिक्षकों के बीच मजबूत साझेदारी पर जोर दिया।

जिला शिक्षा अधिकारी कैप्टन इन्दु बोकन कसाना ने शिक्षा और अनुशासन का महत्त्व बताते हुए विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा पहचानने तथा निरंतर सीखते रहने का आह्वान किया।

समारोह में सलवान एजुकेशन ट्रस्ट के ‘शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण’ और ‘सभी के लिए शिक्षा’ के संकल्प को भी रेखांकित किया गया। ट्रस्ट चेयरमैन सुशील दत्त सलवान के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों के बौद्धिक, नैतिक, सामाजिक और सृजनात्मक विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख हुआ।

अंत में विद्यालय के निदेशक मेजर जनरल सुरिंदर सिंह ने अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। सामूहिक राष्ट्रगान के साथ समारोह संपन्न हुआ।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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