ईएसआईसी गुरुग्राम में राजभाषा पखवाड़े का गरिमामय समापन

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कर्मचारी राज्य बीमा निगम के उप क्षेत्रीय कार्यालय में भव्य समापन समारोह का आयोजन

गुरुग्राम, 30 सितंबर । कर्मचारी राज्य बीमा निगम उप क्षेत्रीय कार्यालय गुरुग्राम में राजभाषा पखवाड़ा का भव्य एवं गरिमापूर्ण समापन समारोह आयोजित किया गया। हिंदी के प्रति सम्मान, उत्साह और आत्मीयता से परिपूर्ण इस पखवाड़े के दौरान हिंदी को कार्यालयीन कार्यों से आगे बढ़ाकर जन-संवाद, जनसेवा और सहभागिता से जोड़ने की दिशा में विभिन्न सार्थक पहल की गईं।

पखवाड़े के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता के लिए हिंदी टिप्पण एवं आलेखन प्रतियोगिता, राजभाषा ज्ञान प्रतियोगिता तथा हिंदी वाक् प्रतियोगिता सहित विभिन्न ज्ञानवर्धक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों ने प्रतिभागियों को अपनी भाषायी दक्षता एवं रचनात्मकता के प्रदर्शन का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के सहज एवं प्रभावी प्रयोग के प्रति उत्साह को भी बढ़ाया।

इस वर्ष के राजभाषा पखवाड़े की प्रमुख विशेषता रही—“एक नई सोच, एक नई शुरुआत : निगम के नायकों के साथ राजभाषा पखवाड़ा”। इस पहल के माध्यम से राजभाषा हिंदी को कार्यालय की चारदीवारी से बाहर ले जाकर बीमाकृत व्यक्तियों एवं उनके परिवारों से जोड़ने का प्रयास किया गया। बीमाकृत व्यक्तियों के बच्चों के लिए हिंदी शब्द लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई तथा उन्हें हिंदी वर्णमाला की पुस्तकें प्रदान की गईं। इस पहल ने बच्चों में हिंदी के प्रति रुचि एवं आत्मीयता विकसित करने के साथ-साथ निगम और बीमाकृत परिवारों के बीच संवाद को भी नई दिशा प्रदान की।

इसी क्रम में “निगम के नायकों के साथ राजभाषा पखवाड़ा–हिंदी संवाद से समाधान” के अंतर्गत बीमाकृत व्यक्तियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। सहज एवं सरल हिंदी में संवाद के माध्यम से उनके अनुभवों, सुझावों एवं अपेक्षाओं को समझने का प्रयास किया गया। इस पहल का मूल उद्देश्य हिंदी को सेवा, संवाद और संवेदना के बीच एक प्रभावी सेतु के रूप में स्थापित करना रहा।

समापन समारोह में उप निदेशक सचिन सिंह, नवीन कुमार, दीपक शर्मा, कमलेन्द्र कुमार, सहायक निदेशक तथा प्रमोद कुमार, सहायक निदेशक सहित कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशक हरिओम प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि राजभाषा हिंदी हमारे कार्यालयीन दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ जनसेवा को अधिक सरल, सहज और प्रभावी बनाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि हिंदी का प्रयोग केवल पत्राचार, टिप्पण एवं आलेखन तक सीमित न रहकर हमारे दैनिक कार्य-व्यवहार और सेवाओं में भी दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राजभाषा पखवाड़ा हमें यह अवसर प्रदान करता है कि हम अपने कार्यों की समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि आमजन तथा बीमाकृत व्यक्तियों को हमारी सेवाओं की जानकारी उनकी सहज एवं समझने योग्य भाषा में उपलब्ध हो। भाषा जितनी सरल और सहज होगी, संवाद उतना ही प्रभावी होगा और सेवाओं के प्रति विश्वास भी उतना ही सुदृढ़ होगा।

डॉ. स्वीटी यादव सहायक निदेशक (राजभाषा) ने कहा कि इस वर्ष राजभाषा पखवाड़े का प्रयास हिंदी को प्रतियोगिताओं एवं कार्यालयीन कार्यों से आगे बढ़ाकर जनसरोकारों से जोड़ने का रहा। उन्होंने कहा कि जब हम बीमाकृत व्यक्तियों एवं उनके परिवारों के साथ उनकी सहज भाषा में संवाद करते हैं, तो भाषा केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं रहती, बल्कि विश्वास, आत्मीयता और सेवा का माध्यम बन जाती है। उन्होंने सरल, सहज एवं प्रभावी हिंदी को दैनिक कार्य-व्यवहार का हिस्सा बनाने पर बल दिया।

समापन समारोह में पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए हिंदी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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