मंडियों में धान पहुंचा, सुविधाएं नदारद : कुमारी सैलजा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

सरकार खरीद, भंडारण और उठान के पुख्ता प्रबंध करे; किसानों को फसल बेचने और भुगतान के लिए न करना पड़े इंतजार

डीएपी के लिए आधी रात से कतारों में खड़े होने की मजबूरी पर उठाए सवाल, पर्याप्त आपूर्ति और पारदर्शी वितरण की मांग

सिरसा, 28 सितंबर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य एवं उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा की मंडियों में धान पहुंचने लगा है, लेकिन किसानों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने सरकार से खरीद, भंडारण, उठान और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि अपनी मेहनत से तैयार फसल बेचने के लिए अन्नदाता को अनावश्यक इंतजार और परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए।

कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि मंडियों में समय रहते पुख्ता प्रबंध किए जाएं। खरीद प्रक्रिया में देरी और अव्यवस्था का सीधा असर किसान की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है तथा अगली फसल की तैयारी भी प्रभावित होती है।

समय पर खरीद, तुलाई और उठान सुनिश्चित हो

कुमारी सैलजा ने कहा कि धान की आवक शुरू होने के साथ ही मंडियों में खरीद की स्पष्ट व्यवस्था, सुचारु तुलाई, पर्याप्त बारदाना, सुरक्षित भंडारण और फसल के समयबद्ध उठान की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। किसानों को यह जानकारी भी स्पष्ट रूप से मिलनी चाहिए कि उनकी फसल की खरीद कब और किस व्यवस्था के तहत होगी।

उन्होंने कहा कि मंडियों में किसानों के लिए पेयजल, बैठने और अन्य बुनियादी सुविधाओं का समुचित प्रबंध किया जाना आवश्यक है। किसान फसल लेकर मंडी पहुंचे तो उसे व्यवस्थाओं की कमी के कारण परेशान न होना पड़े।

हर खरीद सीजन में वही परेशानियां क्यों?

सांसद ने कहा कि हर वर्ष धान, गेहूं और कपास जैसी प्रमुख फसलों की खरीद के दौरान किसानों को अलग-अलग समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कभी खरीद शुरू होने में देरी होती है, कभी तुलाई और उठान बाधित रहता है तो कभी भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि बार-बार सामने आने वाली इन समस्याओं का स्थायी समाधान होना चाहिए। सरकार ऐसी व्यवस्था बनाए कि किसान को अपनी उपज बेचने और उसका भुगतान प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यालयों तथा मंडियों के चक्कर न लगाने पड़ें।

डीएपी के लिए आधी रात से कतारों में किसान

कुमारी सैलजा ने डीएपी खाद की उपलब्धता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में किसानों को डीएपी लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। कई स्थानों पर किसान आधी रात से ही खाद की दुकानों के बाहर पहुंचने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि खाद की कमी और वितरण की अव्यवस्था के कारण किसानों का बहुमूल्य समय और श्रम व्यर्थ हो रहा है। जिस समय किसान को खेत में अगली फसल की तैयारी करनी चाहिए, उस समय उसे खाद जुटाने के लिए भटकना पड़ रहा है।

पर्याप्त स्टॉक मिले, कालाबाजारी पर लगे अंकुश

कुमारी सैलजा ने मांग की कि सरकार खाद की वास्तविक मांग का आकलन कर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध करवाए और वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाए। प्रत्येक पात्र किसान को उसकी आवश्यकता के अनुसार समय पर खाद मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी निगरानी रखी जाए तथा वितरण व्यवस्था की नियमित समीक्षा हो। सरकार यह सुनिश्चित करे कि खाद पाने के लिए किसानों को अनावश्यक भागदौड़ और लंबी प्रतीक्षा का सामना न करना पड़े।

बढ़ती लागत के बीच किसानों को राहत दे सरकार

कुमारी सैलजा ने कहा कि किसान देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। खेती की बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और फसल की बिक्री से जुड़ी समस्याओं के बीच उन्हें सरकार के सहयोग की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए सरकार को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए। समय पर खरीद, भुगतान और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करके ही किसानों को अगली फसल की तैयारी में वास्तविक मदद दी जा सकती है।

शिकायतों का त्वरित समाधान हो, समय पर मिले एमएसपी

कुमारी सैलजा ने प्रदेश की सभी अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों में धान खरीद की आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि खरीद एजेंसियों और मंडी प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए तथा किसानों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।

उन्होंने जोर दिया कि किसानों को उनकी उपज का निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य समय पर मिले और खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो, ताकि अन्नदाता सम्मान और राहत के साथ खेती का कार्य कर सकें।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!