गुरुग्राम में कमान सराय से निकलेगा विशाल विरोध मार्च, संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह करेंगे नेतृत्व
मतदाता के अधिकार और चुनावी पारदर्शिता से समझौता स्वीकार नहीं : सुखबीर जे तंवर
फरुखनगर, 27 सितंबर। ‘वोट चोरी’ के आरोपों, मतदाता सूचियों की निष्पक्षता पर उठते सवालों और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में कांग्रेस 28 सितंबर को गुरुग्राम में विशाल विरोध मार्च निकालेगी। जिला कांग्रेस कार्यालय, कमान सराय से शुरू होने वाले इस मार्च के माध्यम से पार्टी चुनावी पारदर्शिता, मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही का मुद्दा मजबूती से उठाएगी।
विरोध मार्च का नेतृत्व हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह करेंगे। इसमें गुरुग्राम जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों—गुड़गांव, बादशाहपुर, सोहना और पटौदी—के वरिष्ठ नेता, प्रदेश, जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारी, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भाग लेंगे।
वोट जनता की सबसे महत्वपूर्ण आवाज
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुखबीर जे तंवर ने मीडिया को जारी विज्ञप्ति में कहा कि मतदाता का वोट केवल कागज पर दर्ज नाम या कोई आंकड़ा नहीं, बल्कि लोकतंत्र में उसकी सबसे महत्वपूर्ण आवाज है। इस आवाज की सुरक्षा और उसके प्रति विश्वास बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता के नाम को लेकर सवाल खड़े होते हैं, किसी पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार पर संदेह पैदा होता है अथवा चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर आरोप सामने आते हैं, तो सरकार और चुनाव आयोग को जनता के सवालों का स्पष्ट, तथ्यात्मक तथा पारदर्शी जवाब देना चाहिए।
तंवर ने कहा कि कांग्रेस का मत स्पष्ट है—चुनाव लोकतंत्र का उत्सव तभी बन सकता है, जब हर पात्र नागरिक का मत सुरक्षित हो, मतदाता सूची पारदर्शी और त्रुटिरहित हो तथा पूरी चुनावी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास कायम रहे।
गंभीर सवालों पर जवाबदेही की मांग
तंवर ने कहा कि कांग्रेस किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ व्यक्तिगत द्वेष की राजनीति नहीं कर रही है। पार्टी चुनावी प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों के जवाब और जिम्मेदार संस्थाओं की जवाबदेही मांग रही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर जनता का भरोसा सर्वोपरि है। इसी भरोसे को बनाए रखने के लिए चुनावी प्रक्रिया से संबंधित प्रत्येक गंभीर शिकायत का निष्पक्ष समाधान होना चाहिए। मतदाता के मन में उठने वाले सवालों का संतोषजनक जवाब देना और शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बरतना लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।
पुतला दहन कर जताएंगे विरोध
तंवर ने मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के मामले में केंद्रीय चुनाव आयोग पर विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर विरोध जताया जाएगा। साथ ही आम नागरिकों को उनके मताधिकार और उसकी सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेगी और लोकतंत्र की रक्षा के संकल्प के साथ जनता के बीच जाएगी। विरोध मार्च के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि मतदाता के अधिकार और चुनावी पारदर्शिता की रक्षा समय की प्राथमिकता है।
सत्ता जनता की, निर्णायक अधिकार भी जनता का
तंवर ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता किसी राजनीतिक दल की स्थायी संपत्ति नहीं होती। सत्ता जनता देती है और जनता का सबसे बड़ा अधिकार उसका वोट है। इसलिए मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता के अधिकार से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस मतदाताओं के अधिकारों, निष्पक्ष चुनाव और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही के सवालों को पूरी मजबूती से उठाती रहेगी।








