जीवनशैली रोगों के प्रभावी समाधान में आयुर्वेद सबसे टिकाऊ विकल्प : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

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हरियाणा में आयुष ढांचे का तेजी से विस्तार, हर जिले में पंचकर्म केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं

आयुर्वेद का भविष्य विद्यार्थी तय करेंगे, नवाचार से नई ऊंचाइयों तक ले जाएं

चंडीगढ़, 31 मार्च — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में आयोजित श्री धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न तनाव, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य जीवनशैली संबंधी रोगों के समाधान में आयुर्वेद एक प्रभावी और टिकाऊ विकल्प प्रदान करता है। आयुर्वेद में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन पर भी बल दिया जाता है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कॉलेज परिसर में निर्मित नए शैक्षणिक ब्लॉक का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री द्वारा साइंटिफिक जनरल का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्था से जुड़े पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया। उन्होंने बीएएमएस छात्रों के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को बधाई दी।

आयुर्वेद को आधुनिक सुविधाओं और शोध से नई मजबूती दें रही सरकार

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठा रही है। आयुर्वेदिक कॉलेजों और अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने, शोध को प्रोत्साहित करने और चिकित्सकों को बेहतर अवसर प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में कुरुक्षेत्र में लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है, जिससे यह कॉलेज भी संबद्ध है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्तर पर आयुष विंग स्थापित किए गए हैं, जहां योग विशेषज्ञों की नियुक्ति की गई है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 572 आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती की गई है। अब तक 400 आयुष औषधालयों और 138 उप-स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) में अपग्रेड किया जा चुका है तथा सभी जिलों में पंचकर्म केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल, पटीकरा (नारनौल) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि नूंह, अंबाला, हिसार और पंचकूला में भी आयुष क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण संस्थानों और अस्पतालों की स्थापना एवं निर्माण कार्य जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया में योग का डंका बज रहा है और इसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को जाता है, जिनके प्रयासों से 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में योग को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 6500 गांवों में योग एवं व्यायामशालाएं खोलने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। अब तक 965 व्यायामशालाएं शुरू की जा चुकी हैं तथा 139 पर कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान करते हुए कहा कि वे आयुर्वेद का भविष्य हैं। उन पर न केवल इस प्राचीन विज्ञान को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है, बल्कि इसे आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने की भी जिम्मेदारी है। मेहनत, समर्पण और नवाचार के साथ वे आयुर्वेद को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

इस मौके पर राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण अत्रे, श्री धन्वंतरि एजुकेशन सोसायटी, चंडीगढ़ के चेयरमैन श्री कुलभूषण गोयल, श्री धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल के जनरल सेक्रेटरी श्री नरेश मित्तल, प्राध्यापकगण, विद्यार्थीगण तथा अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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