चंडीगढ़, 5 फरवरी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की भर्ती प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जारी बयान में उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी और HPSC पर युवाओं के लिए “सिलेक्शन पॉलिसी” नहीं बल्कि “रिजेक्शन पॉलिसी” बनाने का आरोप लगाया।

सुरजेवाला ने कहा कि PGT कंप्यूटर साइंस की भर्ती वर्ष 2019 में निकाली गई थी और रि-एडवर्टाइजमेंट के बाद करीब आठ साल में 2026 में इसका परिणाम जारी हुआ। उन्होंने दावा किया कि 1,711 पदों के लिए लगभग 5,100 उम्मीदवारों ने आवेदन किया, लेकिन केवल 39 का चयन हुआ जबकि 5,000 से अधिक अभ्यर्थियों को असफल घोषित कर दिया गया।
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि लंबी भर्ती प्रक्रिया के कारण कई अभ्यर्थी ओवरएज हो गए, जिन्होंने अपनी तैयारी में समय, पैसा और मेहनत लगाई। ऐसे युवाओं के भविष्य के लिए जिम्मेदार कौन है, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सरकार हरियाणा के युवाओं को उच्च पदों के योग्य नहीं मानती और उन्हें बदलते परीक्षा पैटर्न व सोशियो-इकोनॉमिक क्राइटेरिया जैसे मुद्दों में उलझाकर रखती है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाई कोर्ट द्वारा सोशियो-इकोनॉमिक क्राइटेरिया को खारिज किए जाने के बावजूद भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं दिख रही।
उन्होंने हालिया असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का हवाला देते हुए कहा कि 600 से अधिक रिक्तियों के बावजूद केवल 151 चयन किए गए और आरक्षित वर्ग की कई सीटें भी खाली रह गईं। इसे उन्होंने युवाओं को “अयोग्य घोषित करने का तरीका” बताया।
सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से इन मुद्दों पर जवाब देने की मांग की और आरोप लगाया कि सरकार रोजगार देने के बजाय युवाओं को केवल आश्वासन दे रही है।
वहीं, खबर लिखे जाने तक इन आरोपों पर राज्य सरकार या HPSC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







