सेक्टर 4 से भीम नगर तक निरीक्षण, बाल भवन शुरू कराने और सुविधाएं बेहतर करने के निर्देश

गुरुग्राम, 4 फरवरी। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने बुधवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव, संयुक्त आयुक्त विशाल कुमार, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, कार्यकारी अभियंता सुंदर श्योराण, वरिष्ठ सफाई निरीक्षक संदीप कुमार सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता तिलकराज मल्होत्रा उपस्थित रहे।
सेक्टर 4 में बाल भवन और सामुदायिक केंद्र का निरीक्षण

निरीक्षण की शुरुआत सेक्टर 4 स्थित बाल भवन और सामुदायिक केंद्र से की गई। आयुक्त ने भवनों की स्थिति, साफ-सफाई, रखरखाव और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल भवन का संचालन शीघ्र शुरू किया जाए, ताकि बच्चों को शैक्षणिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों के लिए उपयुक्त स्थान मिल सके। सामुदायिक केंद्र के निरीक्षण के दौरान भी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। आयुक्त ने कहा कि ये केंद्र सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों का प्रमुख आधार होते हैं।
आसपास के क्षेत्रों में सफाई और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा
दौरे के दौरान सेक्टर के अन्य हिस्सों में स्वच्छता व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, जल निकासी और सार्वजनिक स्थलों की देखरेख का भी निरीक्षण किया गया। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फील्ड स्तर पर नियमित निगरानी रखी जाए और छोटी समस्याओं को भी गंभीरता से लेकर समयबद्ध समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि शहर की स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि निरंतर जिम्मेदारी है।
भीम नगर में मेयर कैंप कार्यालय और स्वास्थ्य सुविधा का अवलोकन
निगमायुक्त भीम नगर स्थित मेयर राजरानी मल्होत्रा के कैंप कार्यालय पहुंचे। यहां संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का अवलोकन करते हुए उन्होंने वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाएं आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं और इन्हें सुचारु व व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि नागरिकों को उन सुविधाओं का वास्तविक लाभ सुनिश्चित कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंद या कम उपयोग में आ रही सार्वजनिक संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें सक्रिय किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि फील्ड निरीक्षणों को नियमित बनाया जाएगा और समस्याओं का समाधान प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी, जबकि बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा।







