संविधान आधारित नेतृत्व तैयार करने की पहल : निशित कटारिया
बल्लभगढ़। देशभर के युवाओं को संविधान के मूल्यों पर आधारित नेतृत्व देने के उद्देश्य से भारतीय युवा कांग्रेस ने ‘नेशनल ऑफिस बेयर्स (एनओबी) प्रोग्राम’ की शुरुआत की है। हरियाणा युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष निशित कटारिया ने इस संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि यह कार्यक्रम पदों की दौड़ नहीं, बल्कि संगठित प्रशिक्षण, जमीनी संघर्ष और सतत मूल्यांकन की एक गंभीर प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से ऐसे जननेता तैयार किए जाएंगे जो संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हों।
निशित कटारिया ने कहा कि आज देश में संविधान पर खतरा मंडरा रहा है। वही संविधान, जो नागरिकों को अधिकार, सम्मान और समानता की गारंटी देता है। जब संविधान कमजोर होता है, तो इसका सबसे गहरा असर युवाओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और वंचित वर्गों पर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय युवा कांग्रेस ने एनओबी प्रोग्राम की शुरुआत की है, ताकि ऐसे नेता तैयार किए जा सकें जो केवल भाषणों तक सीमित न हों, बल्कि आंदोलनों और संघर्षों के माध्यम से संविधान की रक्षा करें।
उन्होंने बताया कि यह आठ महीने का राष्ट्रीय नेतृत्व निर्माण कार्यक्रम है, जिसमें चयनित युवाओं को संगठन निर्माण, जन आंदोलन, विचारधारा और जमीनी नेतृत्व जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम की प्रक्रिया में ऑनलाइन आवेदन, इंटरव्यू, बेसिक कैंप, पहला ग्राउंड टेन्योर, लीडरशिप कैंप, दूसरा ग्राउंड टेन्योर तथा फाइनल इंटरव्यू के बाद राष्ट्रीय संगठन में नियुक्ति शामिल है।
प्रदेशाध्यक्ष ने जानकारी दी कि इस कार्यक्रम के लिए 35 वर्ष से कम आयु के वे युवा आवेदन कर सकते हैं, जिनके पास कम से कम तीन वर्ष का सामाजिक या राजनीतिक अनुभव हो। ऐसे युवा जो जन आंदोलनों, संगठन निर्माण या सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हों, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। विशेष रूप से यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, जमीनी स्तर पर आंदोलन खड़ा करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस संगठन के पदाधिकारी सिफारिश के आधार पर आवेदन कर सकते हैं।
युवाओं से सीधा आह्वान करते हुए निशित कटारिया ने कहा, “अगर आपको लगता है कि देश गलत दिशा में जा रहा है, तो केवल शिकायत मत कीजिए, आगे आइए। अगर आपके अधिकार खतरे में हैं, तो सिर्फ पोस्ट मत लिखिए, संघर्ष कीजिए। अगर राजनीति गंदी लगती है, तो उसे साफ करने की जिम्मेदारी आपकी है।”
उन्होंने कहा कि एनओबी प्रोग्राम केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संविधान के मूल्यों की रक्षा करने वाले नेतृत्व की फैक्ट्री है। आज देश को अच्छे भाषणों से ज्यादा अच्छे नेतृत्व की जरूरत है, जो सत्ता नहीं बल्कि संविधान और जनता को सर्वोच्च माने।
इच्छुक युवा www.iyc.in/nob-introduction पर जाकर या क्यूआर कोड स्कैन कर आवेदन कर सकते हैं।
इस अवसर पर गिरीश भारद्वाज, प्रियंका चंदेलिया, एडवोकेट हरीश, मुबीन खान, मुकुल देसवाल, प्रदीप सैन, दिनेश पोसवाल, कृष्ण अत्रि सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।







