बम धमकियों के साए में परीक्षा देने को मजबूर बच्चे, सरकार कब जागेगी? – किरण चौधरी

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स्कूल भेजें या बच्चों की जान बचाएँ? अभिभावक असमंजस में – किरण चौधरी

भाषण बहुत हुए, अब बच्चों की सुरक्षा पर ठोस कार्रवाई करे सरकार – किरण चौधरी

गुरुग्राम। गुरुग्राम सहित हरियाणा और देश के अन्य राज्यों में स्कूलों को मिल रही लगातार बम धमकियों ने शिक्षा व्यवस्था और सरकारी सुरक्षा दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुग्राम के अर्जुन नगर की समाजसेविका किरण चौधरी ने इन धमकियों पर कड़ी चिंता जताते हुए कहा कि बच्चे आज डर के माहौल में परीक्षा देने को मजबूर हैं, जबकि सरकार मौन साधे बैठी है।

किरण चौधरी ने कहा कि परीक्षा का समय चल रहा है, बच्चे मानसिक दबाव में हैं और अभिभावकों के सामने यह भयावह दुविधा खड़ी हो गई है कि वे बच्चों को स्कूल भेजें या उनकी जान की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। यह स्थिति किसी भी संवेदनशील सरकार के लिए चेतावनी होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि पहले गुरुग्राम के कई निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियाँ मिलीं, इसके बाद चंडीगढ़, करनाल सहित अन्य स्थानों से भी इसी तरह की खबरें सामने आईं। इसके बावजूद सरकार और प्रशासन की ओर से न तो कोई ठोस बयान आया और न ही कोई स्पष्ट कार्ययोजना सार्वजनिक की गई।

किरण चौधरी ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक अक्सर स्कूलों के मंचों से बड़े-बड़े भाषण देते हैं, शिक्षा और बच्चों के भविष्य की बातें करते हैं, लेकिन जब बच्चों की सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडरा रहा है, तब सबकी जुबान पर ताला क्यों लग जाता है?

उन्होंने मांग की कि स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से मजबूत किया जाए, धमकियाँ देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और अभिभावकों व विद्यार्थियों को यह भरोसा दिलाया जाए कि सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर है।

किरण चौधरी ने कहा कि बच्चों का भविष्य और उनकी जान किसी भी कीमत पर खतरे में नहीं डाली जा सकती। परीक्षा के समय भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है, और अब सिर्फ बयान नहीं बल्कि ज़मीन पर ठोस कार्रवाई की ज़रूरत है।

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Author: Bharat Sarathi

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