लंबित श्रम मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई का मिला सकारात्मक आश्वासन
गुरुग्राम/ नई दिल्ली, 6 जनवरी 2026। भारतीय मज़दूर संघ (बीएमएस) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय श्रम एवं रोज़गार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से नई दिल्ली में भेंट कर श्रमिकों से जुड़े लंबे समय से लंबित राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। मंत्री ने बीएमएस द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए उन पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीएमएस के महामंत्री श्री रविंद्र हिमते ने किया। ज्ञापन में श्रमिक हितों से जुड़े कई अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया, जिनमें—
- ईपीएफ एवं ईएसआई की वेतन-सीमा में वृद्धि
- न्यूनतम पेंशन राशि को वर्तमान ₹1000 से बढ़ाकर सम्मानजनक स्तर तक करने की मांग
- भारतीय श्रम सम्मेलन (Indian Labour Conference) का शीघ्र आयोजन
- बोनस गणना की सीमा में वृद्धि
- ग्रेच्युटी पात्रता को 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन किए जाने की मांग
- सभी स्कीम वर्कर्स के मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि में वृद्धि
बीएमएस ने निजी, सार्वजनिक एवं सरकारी क्षेत्रों में कार्यरत संविदा श्रमिकों की दयनीय स्थिति पर विशेष चिंता जताई। प्रतिनिधिमंडल ने आईओसीएल, निजी टेलीकॉम कंपनियों, राज्य विद्युत बोर्ड, ईएसआईसी, एयर इंडिया एक्सप्रेस तथा कुडनकुलम परमाणु परियोजना से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए श्रमिक शोषण के ठोस उदाहरण सामने रखे।
संघ ने सरकार से संविदा श्रम (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम, 1970 की धारा 25(2)(5)(A) का सख़्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की, जिसमें स्पष्ट प्रावधान है कि संविदा श्रमिकों को उसी प्रतिष्ठान में कार्यरत स्थायी कर्मचारियों के समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाना चाहिए।
बीएमएस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे तत्व श्रमिकों के शोषण और उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार हैं।
इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल ने देशभर में निजी परिवहन क्षेत्र से जुड़े सभी प्रकार के चालकों (Drivers) के लिए एक राष्ट्रीय कल्याण बोर्ड के गठन की मांग भी रखी।
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में आईपीओ के मुद्दे पर माननीय श्रम मंत्री ने वित्त मंत्री से चर्चा कर तत्काल समाधान का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में श्री सुरेंद्र कुमार पांडेय (उप महामंत्री), श्री बी. सुरेन्द्रन (राष्ट्रीय संगठन मंत्री), राष्ट्रीय मंत्री श्री गिरीश आर्य, श्री रामनाथ गणेशे तथा क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री अनुपम शामिल थे।
मंत्री ने सभी मुद्दों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए कहा कि सरकार श्रमिक हितों से जुड़े इन विषयों पर शीघ्र ठोस और सकारात्मक कदम उठाएगी।







