लक्ष्मण विहार में जागरूक नागरिक मंच का जन कन्वेंशन

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

जलभराव, स्वास्थ्य, परिवहन, शिक्षा और महिला सुरक्षा पर उठा जनआंदोलन का स्वर

गुरुग्राम, 4 जनवरी 2026। जागरूक नागरिक मंच गुड़गांव की ओर से लक्ष्मण विहार स्थित कीर्ति मोंटेसरी स्कूल में रविवार को एक भव्य जन कन्वेंशन का आयोजन किया गया, जिसमें शहर की बदहाल नागरिक सुविधाओं, प्रशासनिक लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर खुलकर चर्चा हुई।

कन्वेंशन की अध्यक्षता एडवोकेट राम सकल बौद्ध ने की, जबकि संचालन वजीर सिंह ने किया। नागरिक समस्याओं पर मुख्य वक्तव्य ईश्वर सिंह राठी ने रखा।

“हादसा होने पर ही जागता है प्रशासन” — रामकिशन

सभा को संबोधित करते हुए रामकिशन ने कहा कि प्रशासन की कार्यशैली ऐसी हो गई है कि जब तक कोई बड़ा हादसा न हो जाए, तब तक समस्याओं पर कोई कार्रवाई नहीं होती

जलभराव बना घरों में कैद का कारण

समझावन प्रजापति ने कहा कि बारिश के दौरान जलभराव के कारण लोग अपने ही घरों में कैद हो जाते हैं।
निरंजन लाल ने धनवापुर अंडरपास में स्कूली बच्चों के गिरकर घायल होने, सिविल हॉस्पिटल में समुचित इलाज न मिलने और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर गहरी चिंता जताई।

जनसमर्थन बढ़ाने पर जोर

हेमराज ने सुझाव दिया कि मंच के मांग पत्र को घर-घर पहुंचाकर जनसमर्थन और संख्या को मजबूत किया जाना चाहिए।
श्रवण कुमार ने कहा कि जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर संघर्ष के लिए तैयार करना समय की जरूरत है।

महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित

पिंटू कुमार ने कहा कि नागरिक समस्याओं का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव महिलाओं पर पड़ता है, जबकि
उषा सरोहा ने निजी समस्याओं के साथ-साथ नागरिक मुद्दों पर संगठित संघर्ष की आवश्यकता बताई।

मुख्य वक्ता ईश्वर सिंह राठी का तीखा प्रहार

मुख्य वक्ता ईश्वर सिंह राठी ने कहा कि “देश को सबसे अधिक राजस्व देने वाले शहरों में शामिल गुड़गांव आज मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। यह प्रशासनिक लापरवाही और गलत प्राथमिकताओं का नतीजा है।”

उन्होंने वर्षों से अधूरी पड़ी शीतला माता मेडिकल कॉलेज परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके चालू न होने से जनता को महंगे निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।

ठप परियोजनाएं, बदहाल सेवाएं

उन्होंने सिविल हॉस्पिटल और पुराने बस स्टैंड के निर्माण कार्य के वर्षों से ठप पड़े होने को जनता के साथ सीधा अन्याय बताया।
सार्वजनिक परिवहन की बदहाली पर चिंता जताते हुए कहा कि बसों की कमी से मजदूर, छात्र, महिलाएं और बुजुर्ग रोजाना परेशान हैं

रेलवे अंडरपास बना जानलेवा

सूरत नगर और लक्ष्मण विहार क्षेत्र के रेलवे अंडरपास में जलभराव को उन्होंने स्थायी खतरा बताया। साथ ही सुरक्षित रेलवे फुट ओवर ब्रिज (FOB) न होने को गंभीर लापरवाही करार दिया।

बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरण पर चिंता

टूटी सड़कों, जाम सीवर, गंदे पानी, सफाई के अभाव और सार्वजनिक शौचालयों की कमी को उन्होंने सम्मानजनक जीवन के अधिकार का उल्लंघन बताया और लक्ष्मण विहार में सार्वजनिक कम्युनिटी सेंटर की मांग रखी।

अरावली संरक्षण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल पर्यावरण नहीं, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। अवैध गतिविधियों पर रोक और प्रदूषण मुक्त गुड़गांव के लिए दीर्घकालिक योजना की मांग की गई।

महिला सुरक्षा और पुनर्वास का मुद्दा

उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए मजबूत कानून व्यवस्था, सुरक्षित सार्वजनिक स्थान और त्वरित पुलिस कार्रवाई की आवश्यकता बताई।
गरीबों और श्रमिकों के पुनर्वास पर उन्होंने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के झुग्गियों और रेहड़ी-पटरी को तोड़ना अमानवीय है

“यह शुरुआत है संगठित नागरिक आंदोलन की”

अपने संबोधन के अंत में ईश्वर सिंह राठी ने कहा कि यह जन कन्वेंशन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संगठित, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक नागरिक आंदोलन की शुरुआत है।

सभा में उपस्थित सभी सदस्यों ने मांग पत्र को सर्वसम्मति से पारित किया।

अध्यक्ष एडवोकेट राम सकल बौद्ध ने सभी नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए नए जोश और संकल्प के साथ संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।

इनकी रही सक्रिय भागीदारी

सूबेदार कृष्ण कुमार, संदीप चौहान, हरबीर कुमार राय, कोमल सिंह, महेंद्र सिंह, राजेश कुमार, कमलकांत, सुभाष कुमार सहित अनेक नागरिकों ने कन्वेंशन में सक्रिय भागीदारी की।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें