भाजपा विधायकों को फाइव स्टार ऐशो-आराम, जनता पर कर्ज का बोझ — वेदप्रकाश विद्रोही
चंडीगढ़/रेवाडी। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने भाजपा और मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि एक ओर भाजपा नेता खुद को आमजन का सेवक बताकर सादगी का दिखावा करते हैं, वहीं दूसरी ओर सत्ता के दुरुपयोग से टैक्सपेयर्स के पैसे को निजी मौज और आत्मप्रचार पर बेधड़क लुटा रहे हैं।
विद्रोही ने कहा कि भाजपा वीआईपी कल्चर का विरोध करने का नाटक करती है, लेकिन सत्ता मिलते ही उसी वीआईपी संस्कृति का सबसे ज्यादा लाभ उठाती है। इसका ताजा उदाहरण हरियाणा सरकार द्वारा विधानसभा समितियों के दौरों के दौरान विधायकों को फाइव स्टार होटलों में ठहरने की सुविधा देने के लिए बनाए गए नए नियम हैं।
उन्होंने बताया कि इन नियमों के तहत
- मेट्रो शहरों में विधायकों को 12 हजार रुपये प्रतिदिन,
- गैर-मेट्रो शहरों में 9 हजार रुपये प्रतिदिन
तक के लग्जरी कमरों में ठहरने की पात्रता दी गई है।
विद्रोही ने सवाल उठाया कि जब देशभर में विधायकों के लिए सरकारी रेस्टहाउस और आवास पहले से उपलब्ध हैं, और समिति दौरों के दौरान संबंधित राज्य सरकार द्वारा ठहरने की व्यवस्था की जाती है, तो फिर फाइव स्टार होटल की आवश्यकता क्यों?
उन्होंने भाजपा को “कथनी-करनी में जमीन-आसमान का अंतर रखने वाली दोगली पार्टी” बताते हुए कहा कि सादगी की बातें करने वाले भाजपा विधायक समिति दौरों के समय सरकारी रेस्टहाउसों में ठहरने की बजाय फाइव स्टार होटलों में सत्ता सुख भोगना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से हरियाणा भाजपा सरकार ने 9 से 12 हजार रुपये प्रतिदिन के महंगे कमरों का नियम बनाकर उन्हें विशेष सुविधा दी है।
विद्रोही ने यह भी बताया कि हरियाणा में विधायकों को
- 2.25 लाख रुपये मासिक वेतन,
- 18 रुपये प्रति किलोमीटर कार किराया,
- 3 लाख रुपये वार्षिक यात्रा भत्ता,
- टेलीफोन भत्ता, विधानसभा क्षेत्र भत्ता, निजी सहायक सहित कई अन्य सुविधाएं पहले से मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि एक ओर प्रदेश पर 4.25 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है और सरकार नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए धन की कमी का रोना रोती है, वहीं दूसरी ओर विधायकों को सत्ता आनंद देने के लिए पैसों की कभी कमी नहीं होती।
विद्रोही ने सवाल दागते हुए कहा, “क्या विधायक सामान्य नागरिकों की तरह समिति दौरों के दौरान साधारण आवासों में नहीं ठहर सकते? खुद को आमजन का सेवक कहने वाले विधायकों को फाइव स्टार सुविधा क्यों चाहिए और जनता को ठगने वाली भाजपा इस ऐशो-आराम को देने के लिए इतनी उतावली क्यों है?”
उन्होंने इसे जनता के साथ सीधा धोखा और दोहरे मापदंडों की राजनीति करार दिया।







