पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करने के लिए बेहतर समन्वय से कार्य करें विभागीय व बैंक अधिकारी : सीईओ
मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही की समीक्षा हेतु आयोजित हुई बैठक
गुरुग्राम, 19 दिसंबर- सीईओ जिला परिषद सुमित कुमार की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय परामर्शदात्री (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला के जमा, अग्रिम एवं शासकीय योजनाओं के लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमी योजनाओं के अंतर्गत ऋण आवेदनों की स्वीकृति एवं वितरण की बैंकवार समीक्षा की गई।
सीईओ सुमित कुमार ने बैठक में बैंकों के ऋण-जमा अनुपात, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, हरियाणा महिला विकास निगम, केसीसी लोन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीकेसीसी, पीएम स्वनिधि, पीएम मुद्रा योजना तथा मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के अंतर्गत बैंकों को भेजे गए आवेदनों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत बैंकों को ऋण हेतु प्रस्तुत आवेदनों की बैंकवार समीक्षा की गई। इस अवसर पर सीईओ ने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता में बैंकों की अहम भूमिका होती है, इसलिए योजनाओं के वित्त पोषण में उदारता बरती जाए। उन्होंने लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लाभार्थी समय पर अपनी आर्थिक गतिविधियां प्रारंभ कर सकें।
सीईओ ने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए बैंकों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि विभागीय व बैंक अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि बैंकों की योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम नागरिक तक पहुँचे, इसके लिए सभी को प्रयास करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं व्यापार के लिए अधिकाधिक ऋण वितरण करना होगा। उन्होंने बैंकों में सरकार की प्रायोजित योजनाओं में लंबित आवेदन पत्रों का त्वरित निस्तारण कर पात्र लोगो को लाभांवित करने के भी निर्देश दिए। समीक्षा के क्रम में उन्होंने कमजोर प्रदर्शन वाले बैंकों के प्रति सख्ती बरतते हुए नियमों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) विनोद बजाज ने सभी बैंकों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 के सितंबर माह तक की तुलना में मौजूदा वित्त वर्ष के सितंबर माह के अंत तक जिला में विभिन्न बैंकों द्वारा अपनी 36 नई शाखाएं खोली गई हैं। अब जिला में विभिन्न बैंकों की कुल 940 शाखाएं अपने सेवाएं दे रही हैं। वहीं एमएसएमई क्षेत्र में 29.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई हैं। इसी प्रकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 500 ऋण आवेदनों का लक्ष्य निर्धारित है, 26 नवम्बर तक 185 आवेदनों को स्वीकृति दी जा चुकी है वहीं 18 आवेदन अभी स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं।
एलडीएम ने बताया कि जिला के नागरिकों को वित्तिय विषयों के प्रति जागरूक करने के लिए 30 सितंबर 2025 तक 133 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे जिसमें करीब 9951 नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसी प्रकार रुड़सेट संस्थान द्वारा 10 विभिन्न स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 265 प्रार्थियों को प्रशिक्षित किया गया। पीएम सूर्य घर योजना के तहत जिला में 763 आवेदकों में से 347 को लाभान्वित किया गया है। उन्होंने बताया कि जिला में प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पशुपालन व मत्स्यपालन विभाग द्वारा आयोजित किए जा रहे कैंपो में 1705 ऋण आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसमें से 909 को स्वीकृत किया जा चुका है व 796 को रिजेक्ट किया गया है।
बैठक में आरबीआई से लीड डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर यश भारद्वाज, नाबार्ड से क्लस्टर हेड विनय कुमार त्रिपाठी, केनरा बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक तिम्मा नायक सहित सरकारी एवं गैर-सरकारी बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।







