दिल्ली/चंडीगढ़/फरीदाबाद, 28 मार्च 2024 – विधायक नीरज शर्मा का कहना था कि करनाल उपचुनाव हरियाणा की जनता के पैसो की बर्बादी है, क्योकि उप चुनाव के बाद नवनिर्वाचित विधायक के पास सिर्फ 4 माह का समय होगा।

विधायक नीरज शर्मा ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में लिखा कि बँाम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बैंच के द्धारा सिविल रिट पीटिशन नम्बंर 1986 आँफ 2024 में दिनांक 26 मार्च को आदेश पारित किया गया है कि अकोला (पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र में होने वाले विधानसभा उपचुनाव को रद्द किया गया है क्योकि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अब चंद महीने रह गए है। ऐसे में उपचुनाव कराना पैसे की बर्बादी है, यदि यहां चुनाव होते भी है तो नवनिर्वाचित विधायक का आधे से ज्यादा कार्यकाल आचार संहिता में बीतेगा। 4 जून को नतीजे आने के बाद नए विधायक को सिर्फ चार महीने का समय मिलेगा। चुनाव में सरकारी खजाने से भारी रकम खर्च की जायेगी। इसलिए बँाम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बैंच के द्धारा इस उपचुनाव को रद्द करने का आदेश दिनांक 26 मार्च को दिया है।

हरियाणा में भाजपा सरकार के पुन गठन के बाद करनाल लोकसभा से मनोहर लाल खट्टर इस्तीफा दे चुके है और करनाल उपचुनाव में भाजपा द्धारा नायब सिंह सैनी को टिकट दी गई है।

विधायक नीरज शर्मा ने कहा कि हरियाणा कि करनाल विधानसभा सीट पर उपचुनाव 25 मई को होना है और 4 जून तक आर्दश आचार सहिंता हैं। चुनाव के निर्णय के बाद सिर्फ 4 माह का समय बाकि बचेगा इसलिए बँाम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बैंच के द्धारा दिए गए निर्णय को ध्यान में रखते हुए करनाल विधानसभा के उपचुनाव को रद्द किया जाए क्योकि यह हरियाणा की जनता के पैसो की बर्बादी होगी।

विधायक नीरज शर्मा का कहना था कि उनके द्धारा चुनाव आयोग को उपचुनाव रद्द करने के लिए पत्र लिखा है अगर चुनाव आयोग इसपर सज्ञंान नही लेता तो वह इस मामले को लेकर हाईकोर्ट जाएंगे।

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