Category: विचार

“हैप्पी होली” के मैसिज ने ली दिल से जुड़े रिश्ते की जगह…. नीरस होती होली

आज हम जो होली मनाते हैं, वह पहले की होली से काफ़ी अलग है। पहले, यह त्यौहार लोगों के बीच अपार ख़ुशी और एकता लेकर आता था। उस समय प्यार…

2025 की होली और रमजान का संयोग: सौहार्द, भाईचारा और सामाजिक समरसता का संकल्प

होलिका दहन: नकारात्मकता का अंत, भाईचारे का आरंभ अधर्म पर धर्म की विजय हमें आपसी भाईचारे, सद्भाव, सौहार्द और मानवीय सामाजिक समरसता से ही मिलेगी – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी…

महिला पुरस्कारों की गरिमा और निष्पक्षता पर उठते प्रश्न

-प्रियंका सौरभ हमारे बदलते सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में, महिला पुरस्कारों की महत्ता और उनकी निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। हाल ही में हरियाणा में महिला दिवस के…

जेबों की सर्जरी ………..

विजय गर्ग……….. सेवानिवृत्त प्रिंसिपल यह खबर विचलित करती है कि देश के करोड़ों मरीज अत्यधिक महंगे इलाज की चक्की में पिसकर गरीबी की दलदल में धंस जाते हैं। वे उन…

शिक्षा: बाजारीकरण के भंवर में ……..

✍ विजय गर्ग ………. सेवानिवृत्त प्रिंसिपल मलोट पंजाब शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि एक उज्ज्वल समाज की नींव है। यह न केवल व्यक्ति के भविष्य, बल्कि राष्ट्र…

भारतीय समाज में मासिक धर्म अभी तक कलंकित क्यों?

भारत के पास मासिक धर्म स्वास्थ्य के प्रति अधिक समावेशी और दूरदर्शी दृष्टिकोण को बढ़ावा देते हुए सांस्कृतिक विचारों का सम्मान करने का अवसर है। आपके क्या विचार हैं-क्या सरकार…

शांत और परोपकारी स्वभाव: सुखी जीवन का मूल मंत्र

– एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी स्वयं को माचिस की तीली बनाने की बजाय शांत सरोवर बनाएं, जिसमें कोई अंगारा भी फेंके तो स्वयं ही बुझ जाए। क्रोध व उत्तेजना अपराध…

यूक्रेन के लिए अमेरिकी समर्थन का भविष्य? 

यूक्रेन के लिए अमेरिकी समर्थन का दृष्टिकोण वर्तमान में अस्पष्ट है, जो राजनीतिक कारकों, सैन्य आवश्यकताओं और वैश्विक सम्बंधों द्वारा आकार लेता है। यूक्रेन को अमेरिकी सहायता का स्तर राजनीतिक…

महिला दिवस विशेष:-अपनी मंज़िल के लिए अपनी राहें चुनती महिलाएँ

महिलाएँ सिर्फ़ घर की रोशनी ही नहीं हैं, बल्कि उस रोशनी को जलाने वाली लौ भी हैं। आज, लड़कियाँ उच्च शिक्षा और कौशल विकास में लड़कों के बराबर शैक्षिक उपलब्धियाँ…

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : जारी है अपने हिस्से के आकाश की तलाश

विजय गर्ग आत्मनिर्भरता एक महत्वपूर्ण गुण है, जो न केवल मनुष्य को स्वावलंबी बनाता है, बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त करता है। महिलाओं के संदर्भ में यह केवल अपने…

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