*अल्ट्रासोनिक स्मार्ट वाटर मीटर की पायलट परियोजना शुरू, आधुनिक तकनीक से जल प्रबंधन को बेहतर बनाने की पहल*
गुरुग्राम, 23 अक्टूबर। नगर निगम गुरुग्राम ने शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को आधुनिक और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में स्मार्ट वाटर मीटर लगाने का पायलट कार्य शुरू कर दिया है। मेयर श्रीमती राजरानी मल्होत्रा के प्रयासों से शुरू की गई इस पहल के तहत अल्ट्रासोनिक स्मार्ट वाटर मीटर स्थापित जा रहे हैं। इस परियोजना का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से पानी की खपत के मापन की व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।
स्मार्ट वाटर मीटर परियोजना के माध्यम से नगर निगम जल प्रबंधन से संबंधित व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। अल्ट्रासोनिक तकनीक पर आधारित ये मीटर पारंपरिक मीटरिंग व्यवस्था के स्थान पर आधुनिक विकल्प उपलब्ध कराने की पहल का हिस्सा हैं। फिलहाल परियोजना को पायलट आधार पर शुरू किया गया है।
जल संसाधनों का उचित उपयोग और पानी की खपत का सटीक मापन बेहतर जल प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलू हैं। स्मार्ट वाटर मीटर लगाने की यह पायलट परियोजना नगर निगम को आधुनिक मीटरिंग व्यवस्था अपनाने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है।
सेक्टर-45 में मीटर स्थापित किए जाने के साथ परियोजना का प्रारंभिक कार्य शुरू हो चुका है। पायलट चरण के अनुभवों और निर्धारित तकनीकी शर्तों के आधार पर आगे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इस पहल के माध्यम से जलापूर्ति व्यवस्था से संबंधित मापन प्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि गुरुग्राम में जल प्रबंधन को आधुनिक और बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता है।स्मार्ट वाटर मीटर की शुरुआत तकनीक आधारित जलापूर्ति व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा प्रयास है कि जल संसाधनों का उचित उपयोग हो और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलें।








