हिसार में किसानों ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी नहीं होने पर पक्का मोर्चा लगाने की चेतावनी
बिजली कर्मचारियों के धरने पर पहुंचकर निजीकरण के खिलाफ हड़ताल का किया समर्थन

हिसार, 22 अक्टूबर। नहरों में दो सप्ताह पानी छोड़ने और पीएलसी पाबड़ा नहर से फरीदपुर माइनर में जलापूर्ति शुरू करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर सैकड़ों किसानों ने बृहस्पतिवार को हिसार में नहर विभाग के कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला प्रधान कपूर सिंह बगला, उकलाना तहसील प्रधान मास्टर फूल सिंह तथा सचिव प्रदीप बूरा और सत्यवान रेढू ने किया।
किसान सभा के जिला सचिव सरबत सिंह पूनिया, राज्य उपप्रधान शमशेर नम्बरदार और राज्य सहसचिव सतबीर धायल ने कहा कि फरीदपुर माइनर को पीएलसी पाबड़ा नहर से लगभग दो वर्ष पहले जोड़ा जा चुका है, लेकिन अभी तक इसमें पाबड़ा नहर से पानी नहीं छोड़ा जा रहा। उन्होंने बताया कि कनोह, किरोड़ी, बालक, पाबड़ा, फरीदपुर और दौलतपुर सहित आसपास के गांवों के किसान करीब 30 वर्षों से इस व्यवस्था की मांग करते आ रहे हैं।
सिंचाई के साथ पेयजल संकट भी गहराया

किसान नेताओं ने कहा कि क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल के लिए फरीदपुर माइनर प्रमुख स्रोत है। उनके अनुसार, फिलहाल एक सप्ताह तक भी अपर्याप्त पानी मिलने के कारण फसलें सूख रही हैं। जलापूर्ति कम होने से ग्रामीणों और मवेशियों के लिए भी पेयजल का संकट पैदा हो गया है।
उन्होंने मांग की कि पीएलसी पाबड़ा नहर से फरीदपुर माइनर में जल्द पानी छोड़ा जाए, हिसार जिले की सभी नहरों में दो सप्ताह जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए और नहरों के अंतिम छोर तक पूरा पानी पहुंचाया जाए। साथ ही सभी गांवों में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
मांगें नहीं मानीं तो लगेगा पक्का मोर्चा

सरबत सिंह पूनिया ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जिला कमेटी की बैठक बुलाकर आंदोलन तेज करने और पक्का मोर्चा लगाने का निर्णय लिया जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों और आमजन को राहत दिलाने के लिए जरूरत पड़ने पर धरना, प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा।
बिजली कर्मचारियों को दिया समर्थन
पूनिया ने बताया कि नहर विभाग में प्रदर्शन के बाद सैकड़ों किसान जुलूस के रूप में बिजली कर्मचारियों के धरनास्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए एकजुटता जताई।
इस मौके पर अभेराम फौजी, रमेश मिरका, कमला, संदीप बैनीवाल, गुलाब पूनिया, रमेश पूनिया, मास्टर बलराज बालक, ओमप्रकाश पाबड़ा, सुरेश नम्बरदार, राममेहर फरीदपुर, पूर्व सरपंच राजकुमार कनोह, सोनू ढाका और सुरेंद्र मान सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए उनकी आलोचना की।









