*शहीदों का साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत- के.के. राव*

गुरुग्राम, 21 अक्टूबर- रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र भौंडसी के शहीद स्मारक पर पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, आरटीसी भौंडसी के.के. राव ने शहीद पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवानों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पुलिस टुकड़ी ने शहीदों के सम्मान में शोक सलामी दी।
के.के. राव ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा, त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेने का दिन भी है। देश की आंतरिक सुरक्षा, शांति बनाए रखने और नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों का योगदान सदैव याद रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2024 से 31 अगस्त 2026 तक देशभर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 154 जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। इस अवधि में हरियाणा पुलिस के चार बहादुर जवान भी नागरिकों की जान बचाते हुए शहीद हुए।
*नागरिकों की जान बचाते हुए शहीद हुए हरियाणा पुलिस के जवान*

निरीक्षक जगदीश प्रसाद थाना चांदहट में थाना प्रभारी के पद पर तैनात थे। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले के दौरान एक झूला टूटने से लोगों की जान पर संकट आ गया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बचाव कार्य शुरू किया और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने लगे। इसी दौरान झूले का एक हिस्सा उनके ऊपर गिर गया, जिससे वे शहीद हो गए।
पीएसआई रवि कुमार ने मुजेसर स्थित कालका लुब्रिकेंट कंपनी में लगी भीषण आग के दौरान साहस का परिचय देते हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। इसी दौरान ज्वलनशील पदार्थों से भरे ड्रम में विस्फोट हो गया और वे शहीद हो गए।
गुरुग्राम जिले के गांव धनकोट निवासी सहायक उप निरीक्षक राजेंद्र सिंह डायल-112 पर मिली सूचना के बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन के साथ फरीदाबाद में बीएसए कॉलेज, आलमपुर के पीछे पहुंचे थे। वहां 30 से 35 लोग लाठी-डंडों और तेजधार हथियारों से आपस में लड़ रहे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी हाथापाई की। मुख्य आरोपियों ने कार से पुलिसकर्मियों पर हमला किया। राजेंद्र सिंह ने साहसपूर्वक उनका सामना किया, लेकिन आरोपियों की कार की टक्कर लगने से वे शहीद हो गए।
27 अप्रैल 2026 को हिसार जिले के हांसी के पास मलिकपुर में एक निजी बस में अचानक आग लग गई। इस दौरान भिवानी की गुप्तचर विभाग इकाई में तैनात एएसआई सुनील कुमार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे रहे और इसी दौरान शहीद हो गए।
*पुलिस अधिकारियों और जवानों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन*
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक, आरटीसी भौंडसी पूजा डाबला, उप पुलिस अधीक्षक अमरजीत सिंह, गरिमा, दीपक, प्रदीप और महेंद्र सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षक गुगन, सुरेंद्र, उप निरीक्षक अब्दुल जब्बार, राजबीर, कृष्ण, प्रवीण कुमार, अर्चना तथा प्रथम वाहिनी आईआरबी के जवानों ने भी शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया।
पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों के अदम्य साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और देशवासियों की सुरक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद किया गया।








