सुशांत विश्वविद्यालय के लीगल एड क्लिनिक ने पराली जलाने के नुकसान और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने की दी जानकारी
गुरुग्राम, 21 अक्टूबर- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम के सहयोग से सुशांत विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ के लीगल एड क्लिनिक द्वारा गांव दौला, तहसील सोहना में ‘किसान सशक्तिकरण एवं चेतना अभियान’ आयोजित किया गया। अभियान के तहत किसानों और ग्रामीणों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान, वायु प्रदूषण, मिट्टी की उर्वरता और भूजल संरक्षण के बारे में जागरूक किया गया।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम की सचिव निशा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए किसानों और ग्रामीण समुदाय की भागीदारी महत्वपूर्ण है। पराली जलाने के बजाय पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाकर वायु प्रदूषण कम करने और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों से जुड़कर जन-जागरूकता गतिविधियों में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया।
अभियान के दौरान स्कूल ऑफ लॉ के विद्यार्थियों ने ग्रामीणों से संवाद कर पराली जलाने से वायु की गुणवत्ता और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी। साथ ही, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, भूजल संरक्षण और पर्यावरण के अनुकूल खेती के महत्व के बारे में भी बताया।
कार्यक्रम में सुशांत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राकेश रंजन, प्रो-वाइस चांसलर एवं रजिस्ट्रार डॉ. संजीव शर्मा सहित स्कूल ऑफ लॉ के विद्यार्थी और लीगल एड क्लिनिक के सदस्य शामिल हुए। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. दीपक मिगलानी और डॉ. मीनाक्षी दहिया ने किया।









