ऊर्जा मंत्री अनिल विज भी निजीकरण के खिलाफ, आयोग के फैसले को चुनौती देने की बात कही
गुरुग्राम। गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिए जाने का कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष पंकज डावर ने कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इसे जनहित के विरुद्ध बताते हुए कहा कि कांग्रेस आम जनता, किसानों और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए मजबूती से उनके साथ खड़ी है। फैसला वापस नहीं लिया गया तो पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
पंकज डावर ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि सरकारी बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्रिड, सबस्टेशन, लाइनों और अन्य बुनियादी ढांचे पर जनता के करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने निवेश के बाद सरकारी व्यवस्था को और बेहतर बनाने के बजाय निजी कंपनी को समानांतर वितरण का लाइसेंस देने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम से सरकारी बिजली निगम कमजोर होंगे और निजी कंपनियों को लाभ मिलेगा।
महंगी बिजली की आशंका जताई
डावर ने आशंका जताई कि निजी कंपनियों की मुनाफे को प्राथमिकता देने वाली कार्यप्रणाली से भविष्य में बिजली महंगी हो सकती है। इसका बोझ गरीबों, किसानों, मजदूरों और छोटे दुकानदारों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बिजली हर घर की जरूरत है और इसकी सस्ती तथा निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं में जनहित सर्वोपरि रहना चाहिए। सरकार बिजली निगमों की कार्यप्रणाली सुधारे, भ्रष्टाचार दूर करे और आपूर्ति व्यवस्था मजबूत बनाए। कांग्रेस गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को इस फैसले को लेकर अपनी आपत्तियों से अवगत कराएगी।
विज बोले—विभाग ने लिखित में किया था विरोध
इस बीच, हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने भी स्पष्ट किया है कि वह स्वयं बिजली निजीकरण के खिलाफ हैं। गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने तथा कर्मचारियों के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने कहा कि उनके विभाग ने हरियाणा बिजली विनियामक आयोग के समक्ष इसका पूरी दृढ़ता से विरोध किया था। यह विरोध लिखित रिकॉर्ड में है और संबंधित दस्तावेज कोई भी हासिल कर सकता है।
विज ने कहा कि आयोग के फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी और विभाग इस मामले में अंतिम स्तर तक जाएगा। कर्मचारी संगठनों से संवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि कर्मचारी नेताओं को अपने कार्यालय में बैठक के लिए बुलाया है। पहले भी कर्मचारियों के साथ बातचीत हुई थी और यदि कोई बेहतर समाधान सामने आता है तो उसे स्वीकार किया जाएगा।
इस तरह समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेर रही है, जबकि ऊर्जा मंत्री का कहना है कि विभाग ने आयोग में इसका विरोध किया था और अब फैसले को चुनौती देगा।









