उपभोक्ता मंच ने जताई बिजली महंगी होने और सरकारी निगम की वित्तीय स्थिति कमजोर पड़ने की आशंका
गुरुग्राम, 20 अक्टूबर। ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर एसोसिएशन से संबद्ध बिजली उपभोक्ता मंच हरियाणा ने गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने के फैसले का विरोध किया है। मंच ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग से इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
मंच के राज्य सचिव मेहर सिंह बांगड़ और राज्य प्रधान इंद्र सिंह मलिक ने संयुक्त बयान में आरोप लगाया कि बिजली उपभोक्ताओं, कर्मचारियों और इंजीनियर संगठनों के लगातार विरोध की अनदेखी करके निजी कंपनी के हित में निर्णय लिया गया है। उन्होंने इसे जनहित के विरुद्ध बताया।
निगम के राजस्व पर असर की आशंका
दोनों पदाधिकारियों ने दावा किया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के कुल राजस्व का लगभग 42 प्रतिशत अकेले गुरुग्राम जिले से आता है। उन्होंने आशंका जताई कि इस क्षेत्र के राजस्व का हिस्सा निजी कंपनी के पास जाने से सरकारी निगम की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसका असर किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिलने वाली सब्सिडी तथा कर्मचारियों के रोजगार और सेवा लाभों पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकारी निगम की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से बिजली दरों में बढ़ोतरी का दबाव बन सकता है, जिससे महंगाई से जूझ रहे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ेगी।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के साथ करेंगे विरोध
मंच के नेताओं ने आशंका जताई कि निजी कंपनी औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देगी, जबकि किसानों तथा कमजोर वर्गों को बिजली उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से सरकारी निगम पर बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ता मंच इस फैसले के खिलाफ अपने स्तर पर आवाज उठाने के साथ बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के साथ मिलकर विरोध करेगा।








