*गरीब की चिंता, किसान का सम्मान, युवाओं को अवसर, महिलाओं की सुरक्षा और बुजुर्गों को सहारा देकर प्रदेश में रामराज्य स्थापित कर रही सरकार:नायब सिंह सैनी*

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*मुख्यमंत्री ने लाडवा में विजय दशमी समारोह में दिया सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश*

*मुख्यमंत्री  ने जय भारत कला मंच लाडवा को 11 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की*

चंडीगढ़, 20 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान समय में सरकार में रामराज्य की भावना का अर्थ है कि गरीब की चिंता, किसान को सम्मान मिले, युवाओं को अवसर मुहैया करवाना है। महिलाएं सुरक्षित हो  और सशक्त बने तथा बुजुर्गों को सहारा मिले, इस नीति से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्रत्येक नागरिक को समान अवसर और सम्मान देकर रामराज्य की भावना के अनुरूप काम किया जा रहा है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को लाडवा में जय भारत कला मंच लाडवा द्वारा आयोजित विजय दशमी समारोह में शिरकत की।

 मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम की आरती की और प्रदेशवासियों की खुशहाली और  समृद्धि  की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जय भारत कला मंच लाडवा को 11 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की और शोभायात्रा को झंडी दिखाकर रवाना किया।

उन्होंने प्रदेशवासियों को विजय दशमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प विकसित भारत का निर्माण करना है। सरकार भी प्रदेश को  तेज गति के साथ आगे बढ़ाते हुए विकसित हरियाणा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विजय दशमी बुराई पर अच्छाई, अन्याय पर न्याय और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें विश्वास दिलाता है कि सत्य की राह कठिन हो सकती है, लेकिन अंत में विजय सदैव सत्य, धर्म और न्याय की ही होती है। उन्होंने कहा कि विजय दशमी भारत की सनातन चेतना का उत्सव है। यह भक्ति और शक्ति के समन्वय का पर्व है। भगवान श्रीराम ने रावण का अंत करके समाज को अन्याय और भय से मुक्त कराया, वहीं मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार कर धर्म की स्थापना की। इन प्रसंगों से हमें सीख मिलती है कि शक्ति का उद्देश्य अहंकार नहीं, बल्कि कमजोर की रक्षा करना और अन्याय का अंत करना है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम इसलिए कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने जीवन के प्रत्येक संबंध की मर्यादा निभाई है। रावण पर उनकी विजय केवल धनुष-बाण की विजय नहीं, बल्कि सत्य, संयम, सेवा, दया, करुणा और सदाचार की विजय रही। भगवान श्रीराम ने निषादराज, माता शबरी, केवट, वनवासी समाज और वानर सेना सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर समरसता का संदेश दिया। यही रामराज्य की आत्मा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विजय दशमी पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन करते समय हमें अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प भी लेना चाहिए। केवल पुतले जलाने से हमारा दायित्व पूरा नहीं होता। यह पर्व तभी सार्थक होगा, जब हम अपने भीतर के अहंकार, क्रोध, लोभ, ईर्ष्या छल, कपट और स्वार्थ को दूर करने का प्रयास करेंगे।         

उन्होंने जय भारत कला मंच लाडवा के पदाधिकारियों, कलाकारों, आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं और सभी सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि वे नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, संस्कार और आदर्शों से जोडऩे का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सत्य, सेवा, सदाचार और राष्ट्रभक्ति की भावना को अपने जीवन में अपनाएं तथा ऐसा समाज बनाने में योगदान दें, जहां शक्ति के साथ करुणा, समृद्धि के साथ संवेदना और अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी महत्व हो।

इस मौके पर  उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन,  चेयरमैन गुरनाम सैनी, नगर पालिका लाडवा की चेयरपर्सन साक्षी खुराना, मार्किट कमेटी चेयरमैन डॉ. गणेश दत्त,  जय भारत कला मंच लाडवा के प्रधान अश्विनी शर्मा सहित पार्षद गण, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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