पाबड़ा नहर से फरीदपुर माइनर में पानी छोड़ने और नहरों में दो सप्ताह आपूर्ति की मांग

बरवाला, 20 अक्टूबर। अखिल भारतीय किसान सभा की उकलाना-बरवाला तहसील कमेटी के आह्वान पर किसान 22 अक्टूबर को हिसार में सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपेंगे। किसान सभा ने पीएलसी पाबड़ा नहर से फरीदपुर माइनर में पानी छोड़ने, जिले की सभी नहरों में दो सप्ताह पानी देने और गांवों में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति की मांग उठाई है। प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर तहसील कमेटी सहित पाबड़ा, फरीदपुर, कनोह और बालक गांवों में बैठकें आयोजित की गई हैं।
किसान सभा के जिला सचिव सरबत सिंह पूनिया, किसान नेता मास्टर फूल सिंह, कर्मबीर जलंधरा, प्रदीप बूरा और सत्यवान रेढू ने बताया कि फरीदपुर माइनर को पीएलसी पाबड़ा नहर से करीब दो वर्ष पहले जोड़ा जा चुका है। इसके बावजूद पाबड़ा नहर से माइनर में पानी नहीं छोड़ा जा रहा। उन्होंने कहा कि कनोह, किरोड़ी, बालक, पाबड़ा, फरीदपुर और दौलतपुर सहित आसपास के गांवों के किसान करीब 30 वर्षों से यह मांग उठाते रहे हैं।
फसलों और पेयजल पर संकट का दावा

किसान नेताओं के अनुसार, फरीदपुर माइनर क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल का प्रमुख स्रोत है। वर्तमान में केवल एक सप्ताह और वह भी अपर्याप्त मात्रा में पानी मिलने से फसलें सूख रही हैं। उन्होंने कहा कि कम आपूर्ति के कारण ग्रामीणों और मवेशियों के लिए भी पानी का संकट बना हुआ है।
किसान सभा ने मांग की कि पीएलसी पाबड़ा नहर से फरीदपुर माइनर में तत्काल पानी छोड़ा जाए तथा हिसार जिले की सभी नहरों में दो सप्ताह तक नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
मांगें नहीं मानीं तो पक्का मोर्चा
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज कर पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीणों को राहत दिलाने के लिए संगठन धरना, प्रदर्शन और घेराव जैसे कदम उठाने को मजबूर होगा।








