*गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को 25 साल का समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देना सरकारी बिजली निगमों को कमजोर करने की साजिश : राव नरेंद्र सिंह*
*कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा—मुनाफे वाले क्षेत्रों को निजी हाथों में सौंपकर सरकारी निगमों पर घाटे का बोझ डालना अन्यायपूर्ण, निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों और जनता के साथ खड़ी है कांग्रेस*
चंडीगढ़, 20 अक्टूबर। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) द्वारा गुरुग्राम और नूंह जिलों में निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 वर्षों के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिए जाने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है।
उन्होंने कहा कि बिजली जैसे महत्वपूर्ण जनसेवा क्षेत्र में निजी कंपनियों को बढ़ावा देने का यह फैसला प्रदेश के आम उपभोक्ताओं, किसानों, छोटे व्यापारियों और बिजली कर्मचारियों के हितों पर सीधा प्रहार है। प्रदेश सरकार को जनहित और सार्वजनिक क्षेत्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और इसे वापस लेना चाहिए।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह जैसे औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में समानांतर वितरण लाइसेंस देकर सरकार जिस दिशा में आगे बढ़ रही है, उससे सरकारी बिजली वितरण निगमों की आर्थिक स्थिति और कार्यप्रणाली पर गंभीर असर पड़ सकता है। यदि अधिक राजस्व देने वाले क्षेत्रों में निजी कंपनियों को काम करने का अवसर दिया जाएगा और ग्रामीण, कृषि तथा कम लाभ वाले क्षेत्रों की जिम्मेदारी सरकारी निगमों पर ही रहेगी, तो इससे सरकारी बिजली व्यवस्था पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि जनता के पैसे से खड़ा किया गया बिजली वितरण का बुनियादी ढांचा निजी कंपनियों के व्यावसायिक हितों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति आखिर किस आधार पर दी जा रही है?
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि बिजली केवल व्यापार का माध्यम नहीं, बल्कि आम जनता की बुनियादी जरूरत है। सरकार का दायित्व है कि प्रत्येक उपभोक्ता को उचित दरों पर निर्बाध बिजली उपलब्ध कराए। निजी कंपनियों का मुख्य उद्देश्य मुनाफा कमाना होता है, ऐसे में बिजली वितरण के क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देने से भविष्य में बिजली की दरों, सेवा की शर्तों और उपभोक्ताओं के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आम नागरिकों, किसानों और छोटे दुकानदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की चिंताओं का समर्थन करते हुए कहा कि इस फैसले से स्थायी, अस्थायी, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों और इंजीनियरों सहित हजारों कर्मियों के रोजगार तथा भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ सकती है। बिजली निगमों को मजबूत करने और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय निजी कंपनियों को वितरण लाइसेंस देना उचित कदम नहीं है। सरकार को कर्मचारियों के रोजगार, सेवा शर्तों और भविष्य की सुरक्षा को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा पावर एम्प्लॉइज एवं इंजीनियर्स संयुक्त मोर्चा द्वारा इस फैसले के विरोध में उठाई जा रही आवाज को सरकार गंभीरता से ले। बिजली क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों और इंजीनियरों की आशंकाओं को नजरअंदाज करना लोकतांत्रिक और जनहितकारी शासन की भावना के विपरीत है। सरकार को संबंधित पक्षों से बातचीत करके ऐसा समाधान निकालना चाहिए, जिससे बिजली निगमों की आर्थिक मजबूती, उपभोक्ताओं के हित और कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बिजली क्षेत्र के निजीकरण से जुड़े ऐसे फैसलों का विरोध करती है, जिनसे सार्वजनिक संसाधनों, आम उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के हित प्रभावित होते हों। बिजली व्यवस्था को निजी कंपनियों के मुनाफे के बजाय जनहित, पारदर्शिता और जवाबदेही के आधार पर संचालित किया जाना चाहिए।
राव नरेंद्र सिंह ने प्रदेश सरकार से मांग की कि गुरुग्राम और नूंह के लिए इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए समानांतर वितरण लाइसेंस के फैसले को तत्काल वापस लिया जाए, बिजली वितरण व्यवस्था के भविष्य पर श्वेतपत्र जारी किया जाए तथा बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर उनकी चिंताओं का समाधान किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी बिजली कर्मचारियों, इंजीनियरों और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी है। जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से उठने वाली हर आवाज का समर्थन किया जाएगा और बिजली व्यवस्था को जनहित के अनुरूप बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।









