24 फसलें एमएसपी पर खरीदने का दावा झूठ का पुलिंदा : पूनिया

हिसार, 17 अक्टूबर। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने शनिवार को हिसार में भाजपा कार्यालय का घेराव कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पुतले फूंके। किसानों ने फसल खरीद में कथित अनियमितताओं, न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे बिक्री और खरीद संबंधी शर्तों के खिलाफ रोष जताया। जिलेभर से किसान सुबह 10 बजे किसान रेस्ट हाउस में एकत्रित हुए और वहां से प्रदर्शन करते हुए भाजपा कार्यालय पहुंचे।
संयुक्त किसान मोर्चा हिसार के नेता सरबत सिंह पूनिया ने मुख्यमंत्री के बार-बार 24 फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के दावे को ‘झूठ का पुलिंदा’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को अपनी उपज एमएसपी से नीचे बेचनी पड़ रही है, जबकि सरकार खरीद के बड़े-बड़े दावे कर रही है।
खरीद की शर्तों और कटौती पर नाराजगी

पूनिया ने कहा कि धान और बाजरे की खरीद में प्रति एकड़ सीमा, जिले संबंधी पाबंदियों तथा पोर्टल की समस्याओं से किसान परेशान हैं। उन्होंने खरीद के दौरान अवैध कटौती का आरोप लगाते हुए कहा कि इन शर्तों और व्यवस्थागत खामियों का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने धान का एमएसपी 2,461 रुपये और बाजरे का 2,900 रुपये प्रति क्विंटल बताते हुए दावा किया कि किसानों की फसल इससे कम दाम पर बिक रही है। पूनिया ने कहा कि भाजपा पंजाब में एमएसपी के नाम पर वोट मांग रही है, जबकि हरियाणा में किसानों को उनकी उपज का समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने इसे सरकार का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि किसान इसका विरोध जारी रखेंगे।
23 अक्टूबर को लघु सचिवालय पर प्रदर्शन
पूनिया ने बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ 23 अक्टूबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इसी क्रम में संयुक्त किसान मोर्चा, हिसार की ओर से लघु सचिवालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया जाएगा। मोर्चा ने दिल्ली में एसआईआर के खिलाफ चल रहे आंदोलन का भी समर्थन किया।
प्रदर्शन में शमशेर सिंह नंबरदार, संदीप सिवाच, राजीव मलिक, डॉ. करतार सिवाच, जोगेंद्र मायड़, अनिल बैंदा, ईश्वर वर्मा, जसबीर सूरा, बलराज मलिक, कमला देवी, मोहनलाल राजली, मेहर सिंह बांगड़, कपूर सिंह बगला, सतीश बैनीवाल, दिलबाग सिंह हुड्डा, ईश्वर सुंडावास, सोमबीर भगाना, कामरेड सुनील, महेंद्र बैंदा, सुरेंद्र मान, रामबीर न्योली, गोपाल नंगथला, सतबीर धायल, कुलदीप सदलपुर, प्रदीप बूरा, अनिल गोरछी, नरेश भ्याण, शमशेर बेरिया, मास्टर प्रताप सिंह और राजबीर सरपंच शामिल रहे।
इनके अलावा धोला जेवरा, रमेश मिरकां, ऋषिकेश राजली, हवा सिंह संघर्ष, अभेराम फौजी, समुंद्र नंबरदार, राकेश ठाकण, जग्गी संदलाना, वेदप्रकाश गोदारा, धर्म सिंह बैनीवाल, सेवा सिंह, गुलाब पूनिया, जगदीश पूनिया, संजय लाडवा, सुभाष जांगू, सतपाल शर्मा, बलराज सहरावत, जगदीश जगान, महासिंह सिंधु, प्रताप सिंह, वजीर सिंह, हनुमान ज़ोहर, सुभाष लांबा, कैप्टन त्रिलोक शर्मा, चरण सिंह बूरा, बलवान बेनीवाल, दिलबाग सहारण, राजेश कुमार और सतीश कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।








