सुनने और बोलने में चुनौतियां, सपनों की उड़ान में नहीं: विद्यार्थियों के अधिकारों का जायजा लेने पहुंचे आयोग के सदस्य कुलदीप जैन

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*हर बच्चे को शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का अवसर मिले : कुलदीप जैन*

*विशेष जरूरतें, समान अधिकार : विद्यार्थियों की शिक्षा, पुनर्वास, व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं छात्रावास में रहन-सहन की व्यवस्थाओं का लिया जायजा*

गुरुग्राम, 17 अक्टूबर- हरियाणा मानवाधिकार आयोग के माननीय सदस्य (न्यायिक) श्री कुलदीप जैन ने आज गुरुग्राम के सेक्टर-15, पार्ट-II, चंदन नगर स्थित वेलफेयर सेंटर फॉर पर्सन्स विद स्पीच एंड हियरिंग इम्पेयरमेंट का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य केंद्र में रह रहे विद्यार्थियों की जीवन परिस्थितियों, शिक्षा, पुनर्वास, व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा उन्हें पेश आ रही कठिनाइयों का जायजा लेना था।

निरीक्षण के दौरान केंद्र की सहायक निदेशक श्रीमती नविता ने आयोग के माननीय सदस्य को संस्थान की कार्यप्रणाली, शैक्षणिक सुविधाओं, छात्रावास व्यवस्था, व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विद्यार्थियों की उपलब्धियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह केंद्र हरियाणा वेलफेयर सोसाइटी फॉर पर्सन्स विद स्पीच एंड हियरिंग इम्पेयरमेंट, पंचकूला के अधीन संचालित है। वर्ष 1971 में स्थापित यह सोसाइटी वाक् एवं श्रवण दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के कल्याण के लिए कार्यरत है। केंद्र के स्थानीय जिला अध्यक्ष उपायुक्त हैं, जबकि संस्थान का संचालन सहायक निदेशक द्वारा किया जाता है।

*शिक्षा और छात्रावास की सुविधाओं का लिया जायजा*

गुरुग्राम स्थित इस केंद्र में प्रारंभिक हस्तक्षेप से लेकर दसवीं कक्षा तक शिक्षा प्रदान की जाती है। संस्थान हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध है। वर्तमान में यहां कुल 259 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 95 छात्राएं और 164 छात्र शामिल हैं। विद्यार्थियों के लिए परिसर में छात्र एवं छात्राओं के अलग-अलग छात्रावास उपलब्ध हैं, जिनमें वर्तमान में 102 विद्यार्थी रह रहे हैं। शिक्षण कार्य में भारतीय सांकेतिक भाषा (Indian Sign Language) का उपयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा, कला एवं शिल्प, परामर्श तथा कौशल विकास की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

व्यावसायिक प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर

केंद्र में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार पूरक एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। इसके अंतर्गत आई.टी.आई. के फिटर और वेल्डर ट्रेड के अतिरिक्त सिलाई, कढ़ाई तथा आजीविका से जुड़ी अन्य गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सक्षम बनाना है।

*खेलों में भी विद्यार्थियों ने हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धियां*

निरीक्षण के दौरान श्री कुलदीप जैन ने विद्यार्थियों की खेल उपलब्धियों की जानकारी लेते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह जानकर खुशी हुई कि केंद्र के विद्यार्थी विभिन्न खेलों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और अपनी प्रतिभा के दम पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। केंद्र के विद्यार्थी एथलेटिक्स, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, शतरंज, क्रिकेट, वॉलीबॉल और जूडो सहित विभिन्न खेलों में भाग लेते हैं। उन्होंने नौवें हरियाणा राज्य खेलों में श्रवण दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतियोगिता के दौरान कुल 54 पदक प्राप्त किए। इसके अतिरिक्त गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में भी विद्यार्थियों ने चार पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के रहन-सहन, शिक्षा एवं पुनर्वास की व्यवस्थाओं, व्यावसायिक प्रशिक्षण की उपलब्धता तथा उनके समक्ष आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों से संबंधित विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया गया।

असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि हरियाणा मानवाधिकार आयोग द्वारा किए जाने वाले ऐसे निरीक्षणों का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों, विशेषकर वाक् एवं श्रवण दिव्यांगता वाले विद्यार्थियों के अधिकारों, गरिमा, सुरक्षित वातावरण तथा शिक्षा एवं विकास के अवसरों से जुड़े पहलुओं का आकलन करना है। आयोग का प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी को सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने, अपनी प्रतिभा विकसित करने और आत्मनिर्भर बनने के समान अवसर मिलें। ऐसे निरीक्षण दिव्यांग विद्यार्थियों के कल्याण एवं समुचित विकास से जुड़े विषयों पर ध्यान केंद्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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Author: Bharat Sarathi

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