प्रभावित परिवारों के साथ उपायुक्त कार्यालय पहुंचे नवीन जयहिंद, मुख्यमंत्री का आश्वासन पूरा करने की मांग
रोहतक, 16 अक्टूबर। गाड़े लुहार और घुमंतू समुदाय के परिवारों के घर गिराए जाने की आशंका को लेकर नवीन जयहिंद शुक्रवार को प्रभावित परिवारों के साथ जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रशासन के समक्ष परिवारों की समस्या रखते हुए मांग की कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के अनुरूप उनके रहने के लिए उचित जगह या प्लॉट उपलब्ध कराया जाए और किसी भी परिवार को बेघर न किया जाए।
जयहिंद ने कहा कि मुख्यमंत्री ने गत दिनों इन परिवारों के घर नहीं गिराने और उनके रहने के लिए जगह अथवा प्लॉट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि इस आश्वासन के बावजूद प्रभावित परिवारों को अपनी छत बचाने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर क्यों लगाने पड़ रहे हैं?
आश्वासन को धरातल पर उतारे सरकार
जयहिंद ने कहा कि गरीब और घुमंतू परिवारों के लिए उनका घर सबसे बड़ा सहारा है। सिर से छत छिनने की आशंका ने इन परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके सुरक्षित आवास की व्यवस्था करें।
उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों के घर गिराने की कार्रवाई रोकी जाए और मुख्यमंत्री के वादे के अनुसार जल्द वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए। जयहिंद ने कहा, “मुख्यमंत्री का आश्वासन केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे धरातल पर लागू किया जाना चाहिए। प्रभावित परिवारों को न्याय और सुरक्षित आवास दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।”
एसडीएम ने कार्रवाई रोकने के दिए निर्देश
जारी प्रेस नोट के अनुसार, जयहिंद की मांग पर एसडीएम आशीष वशिष्ठ ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात कर घर गिराने की कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने गाड़े लुहार परिवारों को जल्द दूसरी जगह उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।
विधायक और सांसद की चुप्पी पर उठाए सवाल
जयहिंद ने इस मामले में स्थानीय विधायक, सांसद और विपक्षी नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार यहीं के निवासी और मतदाता हैं। चुनाव में इनके वोट लेने वाले जनप्रतिनिधियों को संकट के समय भी इनके साथ खड़ा होना चाहिए।
विपक्ष को ‘मुर्दा विपक्ष’ की संज्ञा देते हुए जयहिंद ने कहा कि गरीब परिवार अपने घर बचाने के लिए भटक रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज उठाने वाले जनप्रतिनिधि नजर नहीं आ रहे। उन्होंने सवाल किया, “क्या इन लोगों ने आपको इसलिए वोट दिया था कि जब उन पर विपत्ति आए तो आप गायब हो जाएं?”








